Women Reseervation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन विधेयकों के जरिए पिछड़े वर्गों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। अपने भाषण के दौरान उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि प्राचीन नीति विचारक चाणक्य आज जीवित होते तो वर्तमान राजनीति की चालों पर आश्चर्य करते।
महिला आरक्षण और इतिहास का जिक्र
प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में महिला अधिकारों के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में महिलाओं को समान अधिकार देने की सोच स्वतंत्रता से पहले ही शुरू हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक दौर में ही ‘एक मत, एक नागरिक, एक मूल्य’ का सिद्धांत स्थापित किया गया, जिसके कारण महिलाओं को मतदान का अधिकार शुरुआत से ही मिला। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं को आरक्षण देने की पहल भी पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा की गई थी, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ीं।
Women Reseervation Bill: सरकार पर ओबीसी वर्ग की अनदेखी का आरोप
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि मौजूदा विधेयक में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन की बात कर रही है, जिससे वास्तविक जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा। उनका कहना था कि जब तक व्यापक जनगणना नहीं होगी, तब तक सभी वर्गों को उचित भागीदारी नहीं मिल सकेगी। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से स्पष्ट नीति अपनाने की मांग की।
राजनीतिक मंशा पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार ने विधेयक को जल्दबाजी में प्रस्तुत किया और पर्याप्त चर्चा का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद की सीटों में वृद्धि और परिसीमन जैसे बड़े निर्णयों के लिए पारदर्शी प्रक्रिया आवश्यक है। अंत में उन्होंने सरकार से अपील की कि वह सभी पक्षों को साथ लेकर ऐसा निर्णय ले, जो लोकतंत्र और सभी वर्गों के हित में हो।
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