Uttar Pradesh: जिला जेल में नए साल के जश्न के दौरान हुई गंभीर लापरवाही ने पूरे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल के भीतर आयोजित पार्टी, तेज़ डीजे और शोर-शराबे के बीच दो विचाराधीन कैदी जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए।व्हाट्सएप स्टेटस से खुला जेल पार्टी का राजमामला तब उजागर हुआ जब जेल अधीक्षक द्वारा पार्टी के वीडियो व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाए गए। ये वीडियो किसी परिचित ने डाउनलोड कर लिए, जिसके बाद जेल के अंदर पार्टी होने की पुष्टि हुई।कुल 6 वीडियो सामने आए, जिनमें अलग-अलग लोकेशन पर गाने-बजाने का माहौल दिखा। एक वीडियो में एक बंदी रक्षक को भी डांस करते देखा गया।
Uttar Pradesh: कौन हैं फरार कैदी
फरार कैदियों की पहचान अंकित और डिम्पी उर्फ शिवा के रूप में हुई है। अंकित चोरी और अवैध असलहा रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसे 10 जून 2025 को पकड़ा गया था और आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेजा गया था।
डिम्पी उर्फ शिवा मलावां थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जिस पर नाबालिग से दुष्कर्म का गंभीर आरोप है। उसे 20 दिसंबर 2025 को पॉक्सो एक्ट में जेल भेजा गया था। दोनों ही कैदी विचाराधीन थे और अदालत का फैसला अभी लंबित है।
Uttar Pradesh: कंबलों से बनी रस्सी और 22 फीट ऊंची दीवार
जिला जेल की क्षमता 660 कैदियों की है, जबकि फिलहाल करीब 440 बंदी बंद हैं। जेल की बाहरी दीवार करीब 22 फीट ऊंची है। पार्टी के शोर का फायदा उठाकर दोनों कैदियों ने कई कंबलों को जोड़कर रस्सी बनाई और जेल की सबसे ऊंची पूर्वी दीवार फांदकर फरार हो गए। सुबह गिनती में खुली पोल सोमवार सुबह जब बैरक से कैदियों को निकालकर रोज़ाना की गिनती की गई, तब अंकित और शिवा नहीं मिले।
इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पहले अंदर ही खोजबीन की गई, जेल परिसर और आसपास के इलाकों में तलाशी ली गई।
सबूत मिटाने की कोशिश, लेकिन भंडाफोड़
शुरुआत में जेल प्रशासन ने मामले को दबाने का प्रयास किया। पार्टी से जुड़े वीडियो और सबूत हटाए गए। लेकिन जैसे ही डीएम और एसपी को सूचना मिली, वे तत्काल जेल पहुंचे। पूर्वी दीवार के पास कंबलों से बनी रस्सी लटकी मिली, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया। जेल के चारों ओर वॉच टावर बने हैं, लेकिन फरारी के वक्त किसी भी टावर पर सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं था।
अगर निगरानी होती, तो कैदियों का भागना संभव नहीं था। जेल की बाउंड्री के बाहर खेत होने के कारण दोनों कैदी आसानी से फरार हो गए।
Uttar Pradesh: परिजनों को हुई परेशानी
कैदियों के फरार होने के बाद जेल में मुलाकात पर रोक लगा दी गई। हर दिन दोपहर दो बजे तक होने वाली मुलाकात प्रक्रिया देर से शुरू की गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग जेल चौकी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
अधिकारियों पर कार्रवाई, जांच के आदेश मामले में डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी। जेल प्रशासन ने बैरक प्रभारी, हेड जेल वार्डर और ड्यूटी जेलर को निलंबित कर दिया है। जेल अधीक्षक के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
कानपुर रेंज के डीआईजी को इस पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।दावा किया आ रहा है एक दिन पहले हुई थी पार्टी जेल प्रशासन का कहना है कि पार्टी फरारी वाले दिन नहीं, बल्कि एक दिन पहले हुई थी।डीएम आशुतोष मोहन अग्रिहोत्री ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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