Jnu Controversy: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी को लेकर महाराष्ट्र भाजपा नेता हाजी अरफात शेख ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जेएनयू में छात्र पढ़ने जाते हैं या आतंकवाद फैलाने।
कानून और संविधान का सम्मान जरूरी
आईएएनएस से बातचीत में हाजी अरफात शेख ने कहा कि जेएनयू में इस तरह की घटनाएं वर्षों से होती आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो राजनीतिक दल अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते, वे छात्रों के जरिए ऐसे नारे लगवाते हैं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में न्यायालय में सुनवाई चल रही है, उनका फैसला अदालत को करने देना चाहिए, न कि सड़क पर नारेबाजी की जाए।
Jnu Controversy: पीएम और गृह मंत्री पर ठीकरा फोड़ना गलत
भाजपा नेता ने कहा कि हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने दिल्ली दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय किसकी सरकार थी, यह सबको याद रखना चाहिए। उन्होंने छात्रों से कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील की।
जेएनयू प्रशासन और प्रोफेसरों पर भी सवाल
हाजी अरफात शेख ने जेएनयू के प्रोफेसरों और प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आवाज उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन भड़काऊ और आपत्तिजनक नारेबाजी गलत है और इससे बचना चाहिए।
Jnu Controversy: मुंबई और महाराष्ट्र के विकास का दावा
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वहां लोग बदलाव चाहते हैं। वहीं, महाराष्ट्र की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि मुंबई और राज्य में भाजपा विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी और जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में मुंबई को कॉस्टल रोड जैसी बड़ी सौगात मिली है।
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