Mamata Banerjee: कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आठ सांसदों द्वारा दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
सांसदों की हिरासत से भड़की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
टीएमसी सांसदों की हिरासत की खबर सामने आते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण विरोध कर रहे चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ किया गया व्यवहार बेहद शर्मनाक और गलत है।
Mamata Banerjee: ‘यह कानून नहीं, सत्ता का अहंकार है’
ममता बनर्जी ने लिखा कि गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करना सांसदों का लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में उन्हें सड़कों पर घसीटना कानून व्यवस्था लागू करना नहीं, बल्कि वर्दी में घमंड दिखाने जैसा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के लिए अलग-अलग मानदंड का आरोप
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा नेता प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें रेड कार्पेट और विशेष सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन जब विपक्षी सांसद अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें हिरासत, अपमान और दमन का सामना करना पड़ता है।
Mamata Banerjee: ‘सम्मान आपसी होता है’- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि लोकतंत्र आपसी सम्मान पर आधारित होता है। यदि विपक्ष को सड़क पर घसीटा जाएगा, तो वह सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक मूल्यों की संवैधानिक भावना की याद दिलाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि भारत नागरिकों के अधिकारों से चलता है, न कि किसी कुर्सी, बैज या सत्ता के दंभ से।
‘कोई सरकार तय नहीं कर सकती गरिमा का हकदार कौन’
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कोई भी सरकार, कोई भी पार्टी या कोई भी गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में किसे सम्मान और गरिमा मिलेगी। यह देश उसके नागरिकों का है और अधिकार किसी की कृपा पर निर्भर नहीं होते।
Mamata Banerjee: इन सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन
हिरासत में लिए गए टीएमसी सांसदों में डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान सांसद पोस्टरों के साथ नारेबाजी करते नजर आए।
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
टीएमसी सांसदों ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार चुनाव से पहले विपक्षी दलों को दबाने और परेशान करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।
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