Home » राष्ट्रीय » Lohri Festival 2026: पूरा देश मना रहा लोहड़ी का पर्व, राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

Lohri Festival 2026: पूरा देश मना रहा लोहड़ी का पर्व, राष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

राष्ट्रपति और नेताओं ने दी शुभकामनाएँ
Spread the love

Lohri Festival 2026: 13 जनवरी 2026, मंगलवार के दिन पूरा देश लोहड़ी का पूर्व बड़े ही धूमधाम से माना रहा है। इस खास अवसर पर राष्ट्रपति, गृह मंत्री समेत कई नताओं ने शुभकामनाएं दी। लोहड़ी का त्यौहार सर्दियों के मौसम का अंत

राष्ट्रपति ने दी लोहड़ी की बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर संदेश साझा करते हुए लिखा कि, “देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू की हार्दिक शुभकामनाएं। ये पर्व भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं तथा राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। इस अवसर पर हम प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त करते हैं। इन त्योहारों के माध्यम से हम अन्नदाता किसानों का आभार प्रकट करते हैं। मेरी मंगलकामना है कि ये पर्व सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।”

Lohri Festival 2026: अमित शाह ने साझा की शुभकामनाएँ

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बधाई देते हुए कहां कि, “उत्साह, उमंग व नई ऊर्जा के प्रतीक ‘लोहड़ी’ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व सभी की सुख-समृद्धि का माध्यम बने।”

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘एक्स’ पर लिखा, “संस्कृति और परंपराओं से जुड़े पर्व लोहड़ी की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। फसल की समृद्धि, अन्न की महत्ता और किसान के परिश्रम का प्रतीक यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता भाव को प्रकट करता है। तिल-गुड़ की मिठास, ढोल की गूंज और गिद्दा-भांगड़ा की ऊर्जा के साथ लोहड़ी आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई खुशियाँ लेकर आए, यही मंगलकामना है।”

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने बताया लोहड़ी का महत्व

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा की जिसमें उन्होंने लिखा, “आप सभी को लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। लोहड़ी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है, जो सह-अस्तित्व, सामूहिक उल्लास और आपसी सौहार्द की भावना को मजबूत करती है। सूर्य के उत्तरायण होने का यह शुभ संकेत और नई फसलों का आगमन हमारे अन्नदाताओं के परिश्रम और समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है।”

यह भी पढे़ : गुजरात का पतंग महोत्सव: पीएम मोदी की दूरदृष्टि से स्थानीय परंपरा बनी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments