Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पहुंचते ही केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बंगा भवन पहुंचने पर ममता ने कहा कि वे आधिकारिक अपॉइंटमेंट लेकर चुनाव आयोग से मिलने आई हैं, लेकिन जिस तरह का व्यवहार उनके साथ किया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
ममता बनर्जी ने लगाए क्या आरोप?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में 150 से ज्यादा लोगों को “मृत” घोषित कर दिया गया, जिससे उनके वोटिंग अधिकार छीन लिए गए। उन्होंने कहा कि कई पीड़ित परिवारों को जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाया गया और इसी मानसिक तनाव के कारण कई लोगों की मौत हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे 50 लोगों को वे अपने साथ दिल्ली लाई हैं, जिन्हें ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में गलती से मृत दिखाया गया था।
आगे दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा कि जब राजधानी में धमाके होते हैं, तब पुलिस कहां होती है, लेकिन जब वे अपने लोगों के साथ दिल्ली आती हैं, तो भारी पुलिस तैनाती कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि अगर वे चाहतीं तो लाखों समर्थकों को ला सकती थीं, लेकिन वे शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ रही हैं।
दिल्ली: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “हम जानते हैं कि कुछ संस्थाएं हैं, न्यायपालिका, चुनाव आयोग, जहां हम अपनी आवाज़ उठा सकते हैं। और अगर वे इस तरह चुनौती देते हैं, तो उन्हें नहीं पता कि हम किसी और से ज़्यादा खतरनाक हैं क्योंकि हम संघर्ष से पैदा हुए और पले-बढ़े हैं…” pic.twitter.com/HiCaiecT6h
— IANS Hindi (@IANSKhabar) February 2, 2026
Mamata Banerjee: ममता देंगी दिल्ली में धरना
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि जब केंद्रीय गृह मंत्री पश्चिम बंगाल आते हैं, तो उन्हें रेड कार्पेट दिया जाता है, लेकिन जब वे दिल्ली आती हैं, तो उन्हें “ब्लैक कार्पेट” दिखाया जाता है। उन्होंने इसे बंगाल के लोगों का अपमान बताया। चुनावी माहौल के बीच ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर देश में कोई लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं लड़ेगा, तो वे और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस यह लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने संकेत दिए कि यदि चुनाव आयोग के साथ बातचीत सकारात्मक नहीं रही, तो वे अपने सांसदों और पीड़ित परिवारों के साथ दिल्ली में धरना प्रदर्शन कर सकती हैं।
आपको बता दें कि SIR विवाद को लेकर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया है। यह कदम सोमवार शाम 4 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ होने वाली बैठक से ठीक पहले उठाया गया है। इस बैठक में ममता बनर्जी 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी, जिसमें SIR प्रक्रिया से प्रभावित लोगों के परिजन और वे मतदाता शामिल होंगे, जिन्हें गलत तरीके से मृत घोषित किया गया है।
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