US-Israel Iran War: भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने दावा किया है कि शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए बड़े पैमाने के हमलों में सैकड़ों निर्दोष ईरानी नागरिकों की मौत हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
संप्रभुता पर हमला, आत्मरक्षा में जवाब तय
मीडिया को दिए साक्षात्कार में राजदूत फतहली ने कहा कि यह हमला ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक हमले में मिनाब शहर के एक बालिका विद्यालय को निशाना बनाया गया, जिसमें 50 से अधिक स्कूली छात्राओं की मौत हुई।
राजदूत ने कहा कि ईरान ने न तो युद्ध शुरू किया है और न ही वह युद्ध चाहता है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 के तहत आत्मरक्षा का अधिकार प्रयोग करते हुए ईरान निर्णायक जवाब देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिक्रिया हमले की तीव्रता के अनुपात में होगी और आगे किसी भी बढ़ोतरी की जिम्मेदारी हमलावरों की होगी।
US-Israel Iran War: सर्वोच्च नेता और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित
खामेनेई और राष्ट्रपति कार्यालय को निशाना बनाए जाने की खबरों को खारिज करते हुए फतहली ने कहा कि आधिकारिक सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार दोनों नेता सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई केवल ईरान के राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि दुनिया भर के शियाओं के धार्मिक मार्गदर्शक भी हैं और उनके खिलाफ किसी भी हमले के दूरगामी परिणाम होंगे।
संवाद की जगह सैन्य रास्ता चुना गया
ईरान-इजरायल तनाव के बीच बैकचैनल कूटनीति की संभावना पर राजदूत ने कहा कि हाल के महीनों में ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की थी और राजनीतिक समाधान की इच्छा जताई थी। लेकिन आरोप लगाया कि अमेरिका ने संवाद के बजाय सैन्य कार्रवाई को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि यदि दूसरा पक्ष युद्ध की भाषा बोलेगा, तो जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा और ईरान का प्रत्युत्तर क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को बदल सकता है।
US-Israel Iran War: भारतीय नागरिक सुरक्षित, सहयोग का भरोसा
ईरान में मौजूद भारतीय छात्रों और पेशेवरों की सुरक्षा पर फतहली ने कहा कि अब तक किसी भारतीय नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर ईरान, भारत सरकार के साथ निकासी में पूरा सहयोग करेगा।
क्षेत्रीय देशों को चेतावनी
फारस की खाड़ी में विस्फोटों की खबरों पर उन्होंने कहा कि ईरान ने किसी क्षेत्रीय देश पर हमला नहीं किया है। हालांकि, चेतावनी दी कि यदि ईरानी जमीन पर हमले होते हैं तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को वैध लक्ष्य माना जाएगा। साथ ही, क्षेत्रीय देशों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न होने दें।
राजदूत ने दोहराया कि ईरान युद्ध का विस्तार नहीं चाहता, बल्कि आगे की आक्रामकता को रोकना और अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बहाल करना उसका उद्देश्य है।






