US Iran Conflict: वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि ईरान के पास इतना अधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार है जिससे लगभग 11 परमाणु बम बनाने के लिए जरूरी सामग्री तैयार की जा सकती है। प्रशासन के अनुसार, हाल ही में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया है।
ईरान के यूरेनियम भंडार पर बड़ा दावा
सूत्रों का कहना है कि तेहरान के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 10,000 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम जमा है। इनमें से 460 किलोग्राम यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक शुद्ध किया जा चुका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यूरेनियम की शुद्धता 60 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच जाती है तो इसका इस्तेमाल हथियार बनाने में किया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, 60 प्रतिशत संवर्धित 460 किलोग्राम यूरेनियम को 90 प्रतिशत शुद्धता तक पहुंचाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इतनी मात्रा का पदार्थ लगभग 11 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

US Iran Conflict: परमाणु कार्यक्रम से वैश्विक चिंता बढ़ी
ईरान के साथ हुई तीन दौर की बातचीत में शामिल दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह यह वार्ता टूट गई। उनका मानना है कि ईरान ने कूटनीतिक तरीके से बातचीत को टालने की कोशिश की और अपने परमाणु कार्यक्रम के महत्वपूर्ण हिस्सों को सुरक्षित रखने की योजना बनाई।रिपोर्ट में बताया गया कि बातचीत के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कोई स्पष्ट और विस्तृत प्रस्ताव नहीं दिया, जिससे ऐसा लगा कि वह सिर्फ समय निकालने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा जानकारी मिली कि ईरान के भंडार में करीब 1,000 किलोग्राम यूरेनियम 20 प्रतिशत तक और लगभग 8,500 किलोग्राम यूरेनियम 3.67 प्रतिशत तक संवर्धित है। विशेषज्ञों का कहना है कि 3.67 प्रतिशत शुद्धता से 90 प्रतिशत तक पहुंचने में लगभग ढाई से तीन महीने लग सकते हैं, जबकि 60 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक पहुंचने में लगभग एक सप्ताह से दस दिन लग सकते हैं।
तेहरान रिएक्टर पर अमेरिका-ईरान विवाद बढ़ा
अमेरिकी वार्ताकारों ने बातचीत के दौरान तेहरान रिसर्च रिएक्टर पर भी सवाल उठाए। ईरानी अधिकारियों का कहना था कि यह सुविधा मेडिकल आइसोटोप बनाने जैसे नागरिक उपयोग के लिए काम कर रही है, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने उपलब्ध डेटा को इस दावे से अलग बताया। जांच में पता चला कि रिएक्टर के पास सात से आठ साल का ईंधन जमा था और वहां दावा किए गए तरीके से आइसोटोप उत्पादन नहीं हो रहा था।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को अपना अधिकार बताया और उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया जिसमें अमेरिका ने नागरिक रिएक्टरों के लिए मुफ्त परमाणु ईंधन देने की पेशकश की थी। अमेरिका ने कहा था कि जरूरत पड़ने तक बिना किसी शुल्क के ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन ईरान ने इसे अपनी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के खिलाफ माना।
ईरान परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर आरोप सामने
अधिकारियों का मानना है कि इन घटनाक्रमों से अमेरिकी प्रशासन को विश्वास हुआ कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में तेजी से हथियार बनाने के लिए जरूरी तकनीकी तत्व मौजूद हैं। हालांकि ईरान ने राजनीतिक स्तर पर कुछ रियायतों की बात की, लेकिन परमाणु बम बनाने के लिए जरूरी ढांचे को छोड़ने से इनकार कर दिया।
साथ ही आरोप लगाया गया कि ईरान ने पारदर्शिता बढ़ाने वाले कदमों का विरोध किया और प्रस्तावित परमाणु ढांचे की तकनीकी जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अनुमति देने में भी हिचक दिखाई।
वैश्विक चिंता बढ़ी
यह जानकारी उस समय सामने आई है जब वाशिंगटन प्रशासन ईरान के परमाणु ढांचे के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखे हुए है। खुफिया सूचनाओं में संकेत मिले थे कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम खतरनाक स्तर के करीब पहुंच रहा है। दूसरी तरफ, ईरान लंबे समय से कहता आ रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जबकि पश्चिमी देश आरोप लगाते हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता विकसित करने की कोशिश कर रहा है।






