Adani group: अदाणी ग्रुप अब सिर्फ एयरपोर्ट ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उनके आसपास पूरे रियल एस्टेट और कमर्शियल इकोसिस्टम को विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में अदाणी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अदाणी एयरपोर्ट सिटी लिमिटेड ने तीन नई कंपनियों की शुरुआत की है। ये कंपनियां मुंबई (नवी मुंबई), अहमदाबाद और गुवाहाटी में एयरपोर्ट के आसपास आधुनिक होटल, रेस्टोरेंट और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स विकसित करेंगी। इन नई इकाइयों का उद्देश्य एयरपोर्ट के आसपास “एयरपोर्ट सिटी” बनाना है, जहां यात्रियों, बिजनेस और टूरिज्म से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही जगह पर मिल सकें।
एयरपोर्ट के पास मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं
अदाणी ग्रुप की योजना के तहत एयरपोर्ट के आसपास बड़े होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और आधुनिक बिजनेस सेंटर बनाए जाएंगे। इसका मतलब है कि अब यात्रियों को एयरपोर्ट से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उन्हें वहीं पर स्टे, मीटिंग और फूड जैसी सारी सुविधाएं मिल जाएंगी।
Adani group: शुरुआती निवेश और बड़ा प्लान
हालांकि इन तीनों कंपनियों की शुरुआत 10 लाख रुपये की पेड-अप कैपिटल से की गई है, लेकिन असल में यह एक बड़े 15 अरब डॉलर के मास्टरप्लान का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपने एयरपोर्ट बिजनेस को एक नए स्तर पर ले जाना है और इसे रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी से जोड़ना है।
Adani group: भारत के एयर ट्रैफिक में बड़ी हिस्सेदारी
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड देश की सबसे बड़ी एयरपोर्ट इंफ्रा कंपनियों में से एक है। देश के करीब 25% एयर पैसेंजर ट्रैफिक और 33% एयर कार्गो ट्रैफिक अब इसके एयरपोर्ट्स से होकर गुजरता है। ऐसे में कंपनी इस ट्रैफिक को बिजनेस और रेवेन्यू में बदलने के लिए एयरपोर्ट सिटी मॉडल पर फोकस कर रही है।
मुंबई, अहमदाबाद और गुवाहाटी क्यों चुने गए?
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस पूरे प्लान का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जो मुंबई के रियल एस्टेट बाजार को नया रूप दे सकता है। अहमदाबाद पहले से ही एक बड़ा बिजनेस हब बन चुका है, जहां इस तरह के प्रोजेक्ट्स से आर्थिक गतिविधियां और बढ़ेंगी। वहीं गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख प्रवेश द्वार है, जहां टूरिज्म और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार और विकास के नए अवसर
Adani group: इस प्रोजेक्ट से इन तीनों शहरों में हजारों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। कंस्ट्रक्शन, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर में युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें और आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ सकती हैं।
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