Dubai Drone Attack: दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन गिरने के बाद आग लगने की घटना सामने आई है। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब मध्य पूर्व में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को ड्रोन और मिसाइल हमलों से निशाना बनाए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन हमलों की वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।
48 घंटे में तीसरा हमला
यह घटना मंगलवार देर रात स्थानीय समय के अनुसार हुई। खास बात यह है कि इससे ठीक एक दिन पहले कुवैत और रियाद में भी अमेरिकी राजनयिक केंद्रों पर हमले हुए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं ने मध्य पूर्व में हालात को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दुबई की इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि एक ड्रोन चांसलरी भवन के पास स्थित पार्किंग क्षेत्र में गिर गया था, जिससे वहां आग लग गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।

Dubai Drone Attack: दूतावास के पास मचा हड़कंप
घटना के बाद आसपास के लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड किए, जिनमें वाणिज्य दूतावास की इमारत के पीछे से काले धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठते दिखाई दिए। वीडियो में यह भी देखा गया कि आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारी तेजी से मौके की ओर पहुंच रहे थे।
दुबई मीडिया कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास ड्रोन से जुड़ी घटना के कारण लगी आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है। आपातकालीन टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
आग बुझी, सेवाएं 4 मार्च तक बंद
बाद में जारी एक और अपडेट में दुबई मीडिया कार्यालय ने वाणिज्य दूतावास परिसर के बाहर खड़े एक मोबाइल अग्निशमन वाहन की तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने दोबारा पुष्टि की कि आग पूरी तरह बुझा दी गई है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। साथ ही दुबई प्रशासन ने कहा कि सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
इस घटना के बाद दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने एहतियात के तौर पर 4 मार्च तक सभी वीजा और कांसुलर नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। हमले के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे वाणिज्य दूतावास परिसर से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर ठहरें। क्योंकि अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं पर लगातार हो रहे हमलों के बीच पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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