CISF Foundation Day: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को ओडिशा के कटक में आयोजित सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने बल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 57 साल केवल एक संख्या नहीं, बल्कि समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और निरंतर प्रयासों की एक लंबी यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शून्य से शिखर तक पहुंचने का गौरव हासिल किया है।
औद्योगिक विकास में सुरक्षा की अहम भूमिका
गृह मंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का सपना औद्योगिक विकास के बिना पूरा नहीं हो सकता। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीआईएसएफ की स्थापना की गई थी और पिछले 56 वर्षों में इस बल ने अपने उद्देश्यों को पूरी तरह सिद्ध किया है।
CISF Foundation Day: समय के साथ खुद को किया आधुनिक
अमित शाह ने कहा कि सीआईएसएफ ने समय के साथ खुद को आधुनिक तकनीकों और बदलती चुनौतियों के अनुसार ढाला है। उन्होंने बताया कि बल ने जहां आधुनिकता को अपनाया है, वहीं अपनी परंपराओं और मूल्यों को भी जीवित रखा है। यही कारण है कि आज सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा में मजबूत भूमिका निभा रहा है।
हवाई अड्डों और बंदरगाहों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
गृह मंत्री ने कहा कि देश के हवाई अड्डों, बंदरगाहों और बड़ी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा में सीआईएसएफ हमेशा राष्ट्र की ढाल बनकर खड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अब सभी बंदरगाहों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ को सौंपने का निर्णय लिया है, जिससे देश की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
CISF Foundation Day: विकसित भारत के लक्ष्य में सीआईएसएफ की भूमिका
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने दो बड़े लक्ष्य रखे हैं—2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना और 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने में सीआईएसएफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुरक्षित औद्योगिक वातावरण देश के आर्थिक विकास की बुनियाद है।
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