UP News: AIMIM के सदर और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन औवैसी ने एक बार फिर बेबाकी से सवाल उठाए और देश में बढ़ती नफरत और धार्मिक भेदभाव पर चिंता जताई। औवैसी ने कई हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या आज मुसलमान होना जुर्म बन गया है।
दिल्ली का मामला और बुलडोजर की कार्रवाई
औवैसी ने दिल्ली में हुए उस विवाद का हवाला दिया, जो गंदे पानी के झगड़े से शुरू हुआ और एक जवान की मौत, एक बुज़ुर्ग, तीन महिलाओं और दो बच्चों की गिरफ्तारी और बुलडोजर से पूरे घर की तबाही तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि ये सजा नहीं थी, ये एक संदेश था। और वो संदेश किसके लिए था, ये किसी को समझाने की जरूरत नहीं।
ये मुल्क संभल CO के बाप का नहीं है : ओवैसीpic.twitter.com/AUkxShmlqp https://t.co/lz1l3OmEEs
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) March 13, 2026
देशभर की घटनाओं का जिक्र
मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स की घटनाओं का हवाला देते हुए औवैसी ने बताया कि खैरुल इस्लाम और अशरफुल इस्लाम को चुनाव के दौरान बंगाली और मिया कहकर मार दिया गया। जामा मस्जिद तुरा में भी बेहुर्मती की गई और कातिलों ने खुलेआम ऐलान किया कि यहां अल्लाह-हू-अकबर नहीं चलेगा। औवैसी ने बिहार की रोशन खातून, भिवाड़ी के आमिर खान और दरभंगा के 65 वर्षीय अब्दुल सलाम के नाम लेकर याद दिलाया कि ये सिर्फ आंकड़े नहीं, इंसान थे। अब्दुल सलाम तो सिर्फ नफरत फैलाने वाले नौजवानों को समझाने गए थे, लेकिन उनकी जान ले ली गई।
डीएसपी वीडियो पर नाराजगी
औवैसी ने उस डीएसपी के वीडियो पर भी आपत्ति जताई, जिसमें अधिकारी मुसलमानों को धमकाते हुए कह रहा था कि ईरान पर एतेराज करोगे तो जेल भेज देंगे, तकलीफ हो तो ईरान चले जाओ।” औवैसी ने कहा कि ये मुल्क आपके बाप का नहीं है। आर्टिकल 19 हर हिंदुस्तानी का हक है। औवैसी ने 12 साल के एक बच्चे के वीडियो को देखकर सवाल उठाया कि इतनी नफरत इतनी कम उम्र में कहां से आई। उन्होंने कहा कि जब सियासत नफरत को हथियार बना लेती है, तो उसकी आग सिर्फ एक कौम को नहीं, पूरे हिंदुस्तान की रूह को जला देती है।
ये भी पढ़े… योगी सरकार का बड़ा एक्शन, बदायूं घटना के बाद हटाए SP, 7 IAS-IPS अधिकारी भी बदले, देखें लिस्ट…







