Sonam Wangchuk News: भारत के गृह मंत्रालय ने लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत की गई हिरासत को शनिवार को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है और वह लद्दाख की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
2025 में कानून-व्यवस्था बिगड़ने के बाद हुई थी गिरफ्तारी
गृह मंत्रालय के अनुसार लेह में 24 सितंबर 2025 को उत्पन्न गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। मंत्रालय ने बताया कि एनएसए के तहत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय बीत चुका था, जिसके बाद अब सरकार ने इसे समाप्त करने का निर्णय लिया है।
Sonam Wangchuk News: लद्दाख में संवाद के जरिए समाधान की कोशिश
केंद्र सरकार ने कहा कि वह लद्दाख में विभिन्न हितधारकों और सामुदायिक नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर रही है ताकि क्षेत्र की चिंताओं और आकांक्षाओं का समाधान निकाला जा सके। मंत्रालय के अनुसार लंबे समय से जारी बंद और विरोध प्रदर्शनों का माहौल समाज के शांतिपूर्ण वातावरण के लिए नुकसानदेह साबित हुआ है। इससे छात्रों, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं, व्यापारियों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ा है।
सरकार ने शांति और संवाद पर दिया जोर
सरकार ने कहा कि वह लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक संवाद हो सके।
Sonam Wangchuk News: छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की मांग पर हुआ था आंदोलन
गौरतलब है कि सितंबर 2025 में लद्दाख को छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत और करीब 90 लोग घायल हो गए थे। इसी मामले में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़काने के आरोप में सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था।
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