RAJNATH SINGH: भारत की रक्षा एवं एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमटेल एवियोनिक्स ने स्वदेशी युद्धक ड्रोन निर्माण और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र में विस्तार की घोषणा की है। स्वदेशी ड्रोन विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की योजना बनाई गई है.
आत्मनिर्भर रक्षा पर जोर
राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन 2026 में भाग लिया में स्वदेशी ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की जरूरत पर जोर दिया था। इसी दिशा में कंपनी ने मानव रहित प्रणालियों के लिए विशेष यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया है।
RAJNATH SINGH: क्या-क्या विकसित होगा?
लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाले युद्धक ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम (ड्रोन को रोकने/नष्ट करने की तकनीक), मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) इंफ्रास्ट्रक्चर और लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट सॉल्यूशन होगा।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भी एंट्री
सैमटेल एवियोनिक्स अब छोटे उपग्रहों और अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता (स्थानिक परिस्थितिजन्य जागरूकता) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी काम करेगी। कंपनी जल्द ही अपना पहला स्पेस प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी में है। पुनीत कौरा ने कहा कि भारत का रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां स्वदेशी क्षमताओं के विकास और घरेलू औद्योगिक आधार को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग, एमएसएमई और नवाचार आधारित संस्थाओं के बीच सहयोग आत्मनिर्भरता हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
RAJNATH SINGH: क्यों है यह कदम अहम?
भारत तेजी से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहा है। सरकार निजी कंपनियों, MSME और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ा रही है। इस पहल से: घरेलू रक्षा उत्पादन मजबूत होगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह पहल भारत को ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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