Punjab Suicide Case: पंजाब में वेयरहाउस के जिला प्रबंधक डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। रंधावा के परिवार ने आम आदमी पार्टी सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर और उनके पिता सुखदेव भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पत्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप
रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर, जो सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं, ने अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं। इसी वजह से बच्चों को मामा के घर भेजना पड़ा।उन्होंने बताया कि वह भी स्कूल की ड्यूटी खत्म होने के बाद अपने मायके चली जाती थीं, ताकि परिवार सुरक्षित रह सके।वहीं रंधावा की मां ने दुख और गुस्से में कहा कि “झाड़ू वाले मेरे बेटे को खा गए, उन्होंने मेरे घर में ही झाड़ू फेर दिया।”

Punjab Suicide Case: पूर्व मंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने शनिवार आधी रात को अमृतसर के रणजीत एवेन्यू थाने में पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराएं लगाई गई हैं।
पत्नी के बयान के अनुसार, भुल्लर ने उनके पति को धमकाया था कि “गैंगस्टर मेरे पाले हुए हैं। तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म करने के लिए एक इशारा ही काफी है। अगर तुम मेरे नियम नहीं मान सकते तो तुम्हें जीने का हक नहीं है, जहर खा लो।”बताया गया है कि इन धमकियों के बाद रंधावा ने 21 मार्च की सुबह आत्महत्या कर ली।
चंडीगढ़ में विपक्ष का प्रदर्शन
इस घटना को लेकर चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।प्रदर्शन के दौरान पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार नहीं बल्कि “मंत्रियों का गिरोह” चल रहा है।जाखड़ ने कहा कि दिल्ली से बैठे लोग पंजाब को लूट रहे हैं और हिंसा जैसे काम गैंगस्टरों के जरिए करवाए जा रहे हैं।
इस बीच तरनतारन में पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर के घर के बाहर उनके समर्थकों की भीड़ इकट्ठा होने लगी है। मामले के कारण पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
Punjab Suicide Case: सरकार ने इस्तीफा लेकर किया डैमेज कंट्रोल
मामले के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी सरकार ने नुकसान को कम करने के लिए लालजीत भुल्लर से तुरंत इस्तीफा ले लिया था।हालांकि परिवार की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने की मांग और विपक्षी दलों के एकजुट विरोध के बाद आखिरकार पुलिस को केस दर्ज करना पड़ा।
कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डॉ. गगनदीप सिंह रंधावा को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया था।उनके अनुसार, इस मामले में जबरन वसूली और गैरकानूनी तरीके से बंदी बनाकर रखने जैसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।बाजवा ने कहा कि यदि किसी सार्वजनिक पद का इस्तेमाल कर अवैध काम करवाए गए हैं, तो भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई जरूरी है।

कई अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने मांग की कि वेयरहाउसिंग के प्रबंध निदेशक, अमृतसर के जिला अधिकारी, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री भगवंत मान की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उनका कहना है कि अगर कहीं भी लापरवाही या गलती हुई है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए और न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए।
भाजपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला।उन्होंने कहा कि दिल्ली से पंजाब में जो लूट चल रही थी, वह सबके सामने है। उनके अनुसार राज्य में मंत्रियों का एक गिरोह काम कर रहा है, जिसने पंजाब को नुकसान पहुंचाया है।
जाखड़ ने आरोप लगाया कि पहले गैंगस्टरों के जरिए लोगों को धमकाया जाता था कि फिरौती दो, नहीं तो जान से मार दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि अब हालात इतने खराब हो गए हैं कि एक पढ़े-लिखे मैनेजर को मंत्री के डर के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
Punjab Suicide Case: ‘यह पंजाब के लिए दुखद संकेत’
सुनील जाखड़ ने कहा कि रंधावा के आखिरी शब्दों में भी मंत्री के डर का जिक्र था और उन्होंने कहा था कि उन्हें मजबूरी में जहर खाना पड़ रहा है।उन्होंने इसे पंजाब के लिए बेहद दुखद स्थिति बताया।
जाखड़ ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सच में वे राज्य को परिवार मानते और परिवार के मुखिया की तरह काम करते, तो ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती। उनके अनुसार यह सरकार नहीं बल्कि “मंत्रियों का गिरोह” बन गया है, जिसने पंजाब को नुकसान पहुंचाया है।
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