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बंगाल चुनाव में मुस्लिम वोट का असर, टीएमसी के 47 उम्मीदवार, जानें भाजपा और हुमायूं के टिकट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों और वोट बैंक को लेकर राजनीति तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने कई मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि भाजपा की सूचियों में अब तक एक भी मुस्लिम उम्मीदवार शामिल नहीं किया गया है।
बंगाल चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों पर सियासत

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की 291 विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी ने लगभग 18 प्रतिशत यानी 47 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं।

हुमायूं कबीर ने बदली चुनावी रणनीति

वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने अब तक दो सूचियां जारी की हैं, लेकिन उनमें एक भी मुस्लिम उम्मीदवार का नाम शामिल नहीं है।इसी बीच मुर्शिदाबाद के बेलडांगा से बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले और पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे हुमायूं कबीर ने भी चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी 182 सीटों में से 100 से ज्यादा सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन के साथ गठबंधन किया है और उसे 8 सीटें दी हैं।

Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों पर सियासत
बंगाल चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों पर सियासत

भाजपा ने अब तक 255 उम्मीदवार घोषित किए

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 255 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं।पार्टी ने 16 मार्च को पहली सूची जारी की थी, जिसमें सुवेंदु अधिकारी सहित 144 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे। इसके बाद 19 मार्च को दूसरी सूची जारी हुई, जिसमें रूपा गांगुली, निशीथ प्रमाणिक और रेखा पात्रा जैसे नेताओं को टिकट दिया गया।फिलहाल भाजपा की ओर से अभी 39 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान होना बाकी है।

Bengal Election 2026: बंगाल चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं की अहम भूमिका

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाता एक अहम वोट बैंक माने जाते हैं। राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से करीब 100 से 110 सीटों पर मुस्लिम मतदाता चुनाव का परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पिछले तीन विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है। माना जाता है कि इस जीत में मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन बड़ी वजह रहा है।इसी कारण वाम दल, कांग्रेस और इंडियन सेकुलर फ्रंट जैसी पार्टियों को हाल के चुनावों में खास सफलता नहीं मिल पाई।

तृणमूल कांग्रेस ने पहले भी दिए हैं मुस्लिम उम्मीदवार

ममता बनर्जी की पार्टी ने पिछले चुनावों में भी मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं।

  • 2012 में कांग्रेस के साथ गठबंधन के दौरान पार्टी ने 38 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे।
  • 2017 के चुनाव में यह संख्या बढ़कर 57 हो गई थी।
  • 2022 के चुनाव में यह संख्या घटकर 42 रह गई थी।
  • इस बार तृणमूल कांग्रेस ने 47 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

दिलचस्प बात यह है कि इस बार पार्टी ने कुछ मुस्लिम बहुल सीटों पर भी हिंदू उम्मीदवारों को टिकट दिया है।

Bengal Election 2026: बंगाल में मुस्लिम आबादी की स्थिति

पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी काफी बड़ी है। यहां लगभग 90 प्रतिशत मुस्लिम बंगाली भाषा बोलते हैं और इनमें से ज्यादातर लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं।वहीं करीब 10 प्रतिशत उर्दू भाषी मुस्लिम हैं, जो मुख्य रूप से कोलकाता, आसनसोल और इस्लामपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में बसे हुए हैं।

तृणमूल कांग्रेस फिर जीत की कोशिश में

इस बार तृणमूल कांग्रेस राज्य की 294 में से 291 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि 3 सीटें भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा को दी गई हैं।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। इस सीट पर उनका मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से होने वाला है।

तृणमूल कांग्रेस के कुल 291 उम्मीदवारों में से

  • 52 महिलाएं,
  • 95 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवार,
  • और 47 मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं।

राज्य में मुस्लिम आबादी करीब 27 प्रतिशत बताई जाती है।

राज्य में मुस्लिम आबादी के आंकड़े

2011 की जनगणना के अनुसार पश्चिम बंगाल की कुल आबादी लगभग 9.13 करोड़ थी, जिसमें करीब 2.5 करोड़ मुस्लिम थे।चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि 2026 तक मुस्लिम आबादी बढ़कर लगभग 28 से 30 प्रतिशत के बीच पहुंच सकती है।वर्तमान में राज्य की कुल आबादी 10.5 करोड़ से ज्यादा मानी जा रही है, जिसमें मुस्लिम आबादी 3 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।

बंगाल चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों पर सियासत
बंगाल चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों पर सियासत

Bengal Election 2026: मुस्लिम बहुल जिले

पश्चिम बंगाल में कई जिले ऐसे हैं जहां मुस्लिम आबादी काफी अधिक है। इनमें प्रमुख जिले हैं:

  • मुर्शिदाबाद – 66.3 प्रतिशत
  • मालदा – 51.3 प्रतिशत
  • उत्तर दिनाजपुर – 50 प्रतिशत
  • बीरभूम – 37 प्रतिशत
  • दक्षिण 24 परगना – 35.5 प्रतिशत
  • नादिया – 26.7 प्रतिशत

भरतपुर सीट पर दिलचस्प मुकाबला

मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने यहां से मुस्तफिजुर रहमानको उम्मीदवार बनाया है।हुमायूं कबीर पहले इसी क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। हालांकि इस बार वे भरतपुर की बजाय मुर्शिदाबाद की रेजिनगर और नाओदा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से कई उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इनमें

  • कांदी सीट से यासीन हैदर
  • बेलडांगा से सैयद अहमद कबीर जैसे नाम शामिल हैं।
अन्य सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान

मालदा जिले की कई सीटों पर भी उम्मीदवार घोषित किए गए हैं।

  • रतुआ सीट से रायल इस्लाम
  • बैष्णवनगर से मुस्कुरा बीबी
  • मालतीपुर से अब्दुल मिनाज शेख
  • मानिकचक से अबू सैद
  • सुजापुर से नसीमुल हक
Bengal Election 2026: इसके अलावा
  • बेहाला पूर्व से अनुपम रोहदागीर
  • भरतपुर से सैयद खुबैब अमीन
  • फरक्का से इम्तियाज मोल्ला
  • और हरिहरपारा से बिजय शेख को भी उम्मीदवार बनाया गया है।

इस तरह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक मुकाबला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है।

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