Naxal: आंध्र प्रदेश में कुख्यात नक्सली नेता सी नारायण राव समेत 9 उग्रवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने इस मौके पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि अब आंध्र प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद पूरी तरह खत्म हो चुका है।
36 साल से माओवादी आंदोलन में था सक्रिय
पुलिस के मुताबिक, सी नारायण राव ‘आंध्र-ओडिशा बॉर्डर’ (AOB) का सचिव था और करीब 36 सालों से माओवादी गतिविधियों में शामिल था। वह साल 1990 में इस आंदोलन से जुड़ा था और लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाता रहा।
Naxal: कई बड़े हमलों में रहा शामिल
राव पर कई गंभीर आरोप हैं। वह 2018 में विधायक किदारी सर्वेश्वर राव की हत्या, 2001 में सीआई गांधी और 1997 में मुख्य आरक्षक नरेंद्र दास की हत्या जैसे मामलों में शामिल रहा है।
उग्रवाद खत्म करने का दावा
डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा था, और आंध्र प्रदेश ने इस दिशा में पूरी तरह सफलता हासिल कर ली है। उनके अनुसार, अब राज्य में नक्सल गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं।
Naxal: अब एक भी सक्रिय कैडर नहीं
गुप्ता ने यह भी दावा किया कि राज्य में अब माओवादियों का कोई भी भूमिगत कैडर सक्रिय नहीं बचा है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय ‘ग्रेहाउंड्स’, स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को दिया।
अभियान के आंकड़े भी आए सामने
पुलिस के अनुसार, इस अभियान के दौरान कुल 18 मुठभेड़ें हुईं, 81 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और 106 ने आत्मसमर्पण किया। इस तरह कुल 205 कार्रवाई दर्ज की गईं। साथ ही आंध्र प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी माओवाद विरोधी अभियानों में सहयोग किया।
विचारधारा से मोहभंग बना वजह
Naxal: पुलिस का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में माओवादी विचारधारा से लोगों का भरोसा कम हुआ है। इसके अलावा सरकार की पुनर्वास नीतियों और लगातार दबाव के कारण कई उग्रवादियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
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