unique news: इस दौर में जहा एक तरफ शदियों में खूब दिखावे की होड़ लगी रहती है तो , वहीं मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक शादी ने अलग मिसाल पेश की है। यहां आधुनिक डीजे और लग्जरी गाड़ियों की जगह पारंपरिक तरीके से बैलगाड़ी पर बारात निकाली गई, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
बालाघाट के कटंगी तहसील के सेलवा गांव में दूल्हे अंकित देशमुख की बारात करीब 10 किलोमीटर दूर सीताखोह गांव तक पहुंची। इस बारात में न तो तेज आवाज वाले डीजे थे और न ही महंगी गाड़ियां, बल्कि बांसुरी और डफली की मधुर धुनों ने माहौल को खास बना दिया।
बैलगाड़ी बनी बारात की खास पहचान
बारात के लिए बैलगाड़ियों को खास तरीके से सजाया गया था। बैलों को भी रंग-बिरंगे कपड़ों और सजावटी सामान से तैयार किया गया, जिससे पूरा दृश्य पारंपरिक और आकर्षक नजर आया। जैसे ही बारात गांव से निकली, लोग इसे देखने के लिए जुट गए और यह अनोखी बारात चर्चा का विषय बन गई।
unique news: पारंपरिक संगीत ने लौटाई पुरानी यादें
इस शादी में डफली और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन सुनाई दी। स्थानीय कलाकारों ने बताया कि पहले ऐसे कार्यक्रमों में उन्हें काम मिलता था, लेकिन आधुनिकता के चलते उनकी मांग कम हो गई थी। अब फिर से लोग पारंपरिक संगीत की ओर लौट रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार भी मिल रहा है।
unique news: बुजुर्गों को याद आया पुराना दौर
इस अनोखी बारात को देखकर गांव के बुजुर्गों की पुरानी यादें ताजा हो गईं। उनका कहना है कि पहले इसी तरह सादगी और परंपराओं के साथ शादियां होती थीं। उन्होंने इसे एक अच्छी पहल बताते हुए कहा कि इससे हमारी संस्कृति और परंपराएं जीवित रह सकती हैं।
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