Assam Election 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। रविवार को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पत्नी पर तीन पासपोर्ट होने का आरोप
पवन खेड़ा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास एक-दो नहीं, बल्कि तीन देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने कहा कि इन पासपोर्ट्स में यूएई का गोल्डन कार्ड, एंटीगुआ और मिस्र के दस्तावेज शामिल हैं और ये अभी वैध हैं। खेड़ा ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जांच की मांग की और सवाल उठाया कि एक ही व्यक्ति के पास कई देशों के पासपोर्ट कैसे हो सकते हैं।
Assam Election 2026: कई घोटालों के आरोप भी लगाए
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का नाम जमीन, मंदिर चंदा, सरकारी सब्सिडी और चिटफंड जैसे मामलों से भी जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज देश के बाहर से जुड़े हैं और यह मामला बेहद गंभीर है।
‘चुनाव हारने पर देश छोड़ने की तैयारी’
खेड़ा ने आरोप लगाया कि यह सब चुनावी हार की आशंका को देखते हुए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह “देश छोड़ने की तैयारी” जैसा प्रतीत होता है और इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
Assam Election 2026: CM सरमा का पलटवार
इन आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। सरमा ने कहा कि कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया उनकी घबराहट और हताशा को दर्शाती है, क्योंकि राज्य में भाजपा को बड़ा जनादेश मिलने की संभावना है।
मानहानि का केस करने की चेतावनी
सीएम सरमा ने साफ कहा कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों में पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि का मामला दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे “झूठे और दुर्भावनापूर्ण” आरोपों के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।
Assam Election 2026: चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी
असम में चुनावी रैलियों के बीच इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से सियासत और तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर गंभीर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की रणनीति करार दे रही है।
जनता के बीच जाएगी सियासी लड़ाई
अब यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर आगे बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इन आरोपों और जवाबी कार्रवाई का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।








