Iran crisis: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अब कई देशों ने कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir शुक्रवार को ईरान के लिए रवाना हो गए। इस्लामाबाद स्थित एक राजनयिक सूत्र ने यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को दी।
खाड़ी देशों की बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में United Arab Emirates, Saudi Arabia और Qatar ने ईरान युद्ध को खत्म कराने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक इन देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump से बातचीत जारी रखने की अपील की है। इन देशों को डर है कि अगर ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई तो इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। तेल व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
Iran crisis: पाकिस्तान भी एक्टिव मोड में
पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने शुक्रवार को तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से दूसरी बार मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के संभावित प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि नक़वी बिना किसी आधिकारिक घोषणा के तेहरान पहुंचे थे। एक सप्ताह के भीतर यह उनकी दूसरी ईरान यात्रा है। इस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।
Iran crisis: अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान के साथ मध्यस्थता वाली बातचीत में “थोड़ी प्रगति” हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हालात अब भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। स्वीडन में नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान रुबियो ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी स्थायी शांति समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा।
क्या कम होगा युद्ध का खतरा?
Iran crisis: मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अब दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत पर टिकी है। कई देशों की कोशिश है कि मामला युद्ध तक न पहुंचे और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।
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