Mp Political Appointments: मध्य प्रदेश की राजनीति में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव एक बार फिर चर्चा में है। नगर निकायों में एल्डरमैन की पहली सूची जारी होने के बावजूद निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का मामला अब तक अटका हुआ है। माना जा रहा है कि इस देरी के पीछे सिंधिया समर्थक नेताओं को उचित स्थान दिलाने की कोशिश एक बड़ा कारण है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश की भाजपा सरकार में उनका दबदबा अभी भी कायम है।
सिंधिया की जिद, पद तो देने होंगे
राजनीतिक नियुक्तियों में देरी के पीछे जिन नामों की चर्चा है, उनमें इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, गिरिराज दंडोतिया और मुन्नालाल गोयल शामिल हैं। ये सभी नेता वे हैं, जिन्होंने सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। अब इन नेताओं को संगठन और सत्ता में उचित स्थान दिलाने को लेकर सिंधिया अड़े हुए हैं, पूर्व में भी वे जगह दिलाने में सफल रहे हैं।
Mp Political Appointments: संकट के समय साथ देने वालों को पद दिलाने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, सिंधिया का स्पष्ट मत है कि जो नेता कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि वह लगातार अपने समर्थकों को उचित पद दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। इससे यह भी साफ होता है कि वह अपने राजनीतिक सहयोगियों के योगदान को लेकर गंभीर हैं और उन्हें संगठन में मजबूत स्थान दिलाना चाहते हैं।
देरी पर विपक्ष का हमला
नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के भीतर सत्ता के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है, जिसके कारण निर्णय लेने में देरी हो रही है। विपक्ष इसे भाजपा के भीतर असंतुलन और आंतरिक संघर्ष का संकेत बता रहा है।
Mp Political Appointments: राजनीतिक संतुलन साधने की चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण इस तरह के संतुलन की स्थिति स्वाभाविक होती है। पार्टी नेतृत्व किसी भी विवाद से बचते हुए सभी गुटों को साधने की कोशिश कर रहा है, जिसके चलते निर्णय में देरी हो रही है। यह देरी भले ही अस्थायी असंतोष पैदा कर रही हो, लेकिन इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
लिस्ट जारी होने का काउंटडाउन शुरू
बता दें कि हाल ही में बीजेपी ने अपने एल्डरमैन्स की पहली सूची जारी की है। वहीं अब नगर निकायों, आयोगों और प्राधिकरणों में नियुक्ति का काउंटडाउन भी शुरू हो गया है। दरअसल इसी महीने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की पहली प्रदेश कार्यसमिति भी होनी है। माना जा रहा है कि उससे पहले ही यह सूची राष्ट्रीय नेतृत्व की अंतिम मुहर के बाद जारी कर दी जाएगी। बता दें कि राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश की उपस्थिति में संघ के पदाधिकारियों के साथ सीएम मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल के बीच 4 घंटे से ज्यादा लंबी बैठक चली। इस बैठक में इस लिस्ट को अंतिम रूप भी दिया गया।
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