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अलीगढ़ में फायरिंग के बाद एएमयू हॉस्टल पर छापा, छात्र के कमरे से हथियार और संदिग्ध कागजात बरामद

एएमयू हॉस्टल में दबिश के बाद बड़ा खुलासा

AMU Hostel Raid: अलीगढ़ के अनूपशहर रोड स्थित एफएम टॉवर क्षेत्र में मंगलवार तड़के हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पूछताछ के बाद एक और आरोपी का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को उसकी तलाश में एएमयू के सर जियाउद्दीन हॉल में दबिश दी।

छापेमारी के दौरान एक कमरे से पुलिस को कारतूस और मैग्जीन के अलावा कुछ नकली नोट भी मिले। इसके साथ ही एक ही नाम की दो-दो मार्कशीट और दो अलग-अलग नामांकन संख्या वाले दस्तावेज भी बरामद हुए, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।

पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी छात्र हुआ फरार

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी छात्र वहां से भाग निकला। फिलहाल उसके कमरे को सील कर दिया गया है। इस मामले में पहले ही एक अन्य छात्र सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सोमवार रात करीब साढ़े दस बजे एफएम टॉवर के पास स्थित एक्वा वाटर पार्क में शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान सड़क पर गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर बुजुर्ग शाहिद अली और एएमयू के कुछ छात्रों व उनके दोस्तों के बीच विवाद हो गया। बात बढ़ने पर शाहिद अली के साथ मारपीट की गई।सूचना मिलने पर नगला पटवारी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस को देखकर हमलावर पक्ष वहां से भाग गया।

AMU Hostel Raid: एएमयू हॉस्टल में दबिश के बाद बड़ा खुलासा
एएमयू हॉस्टल में दबिश के बाद बड़ा खुलासा

AMU Hostel Raid: शाहिद अली के घर फायरिंग

इस घटना में बुलंदशहर के छतारी नारायणपुर निवासी अशरफ, जो एएमयू के सुलेमान हॉल में रहता है, एफएम टॉवर क्षेत्र के फैसल और मोहम्मद साकिब सहित इनके कई साथी शामिल बताए गए हैं।

आरोप है कि मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे इन छात्रों के समूह ने दोबारा हमला किया। इस दौरान थाना क्वार्सी क्षेत्र की आशियाना ग्रीन सोसाइटी के बाहर शाहिद अली के घर पर फायरिंग की गई।इस मामले में पुलिस ने खुद रिपोर्ट दर्ज की और नामजद आरोपी अशरफ, फैसल और मोहम्मद साकिब को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया।

पूछताछ और सीसीटीवी से सामने आया शहबाज का नाम

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद एक अन्य आरोपी की पहचान एएमयू में एमसीए द्वितीय वर्ष के छात्र शहबाज उर्फ छोटू के रूप में हुई।

पुलिस को जानकारी मिली कि शहबाज मूल रूप से शहंशाहबाद का रहने वाला है और एएमयू के एसजेड हॉल में अवैध रूप से रह रहा है। इसके बाद पुलिस ने एएमयू की प्रॉक्टर टीम के साथ मिलकर दोपहर में एसजेड हॉल में छापा मारा।

AMU Hostel Raid: तलाशी में संदिग्ध सामान मिला

एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ तृतीय सर्वम सिंह के नेतृत्व में क्वार्सी और सिविल लाइंस पुलिस ने उस कमरे की तलाशी ली, जहां शहबाज रह रहा था। तलाशी के दौरान जो सामान मिला, उसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।

पुलिस को जानकारी मिली कि उस कमरे में पहले दो अन्य छात्र रहते थे, लेकिन शहबाज ने उन्हें धमकाकर वहां से भगा दिया और खुद जबरन वहां रहने लगा। पुलिस के आने की खबर मिलते ही वह वहां से फरार हो गया।

हथियार, मोबाइल, लैपटॉप और नकली नोट बरामद

तलाशी के दौरान कमरे से दो देशी पिस्टल की मैग्जीन (.32 बोर), चार खोखे .315 बोर, एक 9 एमएम कारतूस, चार 12 बोर के कारतूस और कुछ 12 बोर के खाली खोखे बरामद हुए।

इसके अलावा आठ मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी मिला। पुलिस को शहबाज के नाम से सीबीएसई की हाईस्कूल की दो मार्कशीट भी मिलीं। इनमें एक में जन्मतिथि 1988 और दूसरी में 1999 दर्ज है।

साथ ही एएमयू के दो नामांकन पत्र भी मिले। एक के अनुसार वह वर्ष 2024 में एमसीए द्वितीय वर्ष का छात्र है और उसने 2021 में अरुणाचल प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय से बीसीए करने का दावा किया है। वहीं दूसरा नामांकन पत्र उसी वर्ष का है, जिसमें किसी अन्य कक्षा में दाखिला दिखाया गया है।कमरे से 100-100 रुपये के छह नकली नोट भी बरामद हुए, जिन पर एक ही सीरियल नंबर छपा हुआ था।

पुलिस ने सामान जब्त कर कमरा किया सील

बरामद किए गए सभी सामान को एएमयू प्रॉक्टर को दिखाने के बाद पुलिस ने जब्त कर लिया और कमरे को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान हॉल के बाहर छात्रों और स्टाफ की भीड़ लग गई थी, लेकिन किसी को भी कमरे में जाने की अनुमति नहीं दी गई।इस मामले में पुलिस ने शहबाज के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

पुलिस अधिकारी ने क्या कहा

सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि सोमवार रात एफएम टॉवर क्षेत्र में झगड़े के बाद मंगलवार तड़के दो गुटों के बीच फायरिंग हुई थी। जांच के दौरान कुछ एएमयू छात्रों के नाम सामने आए।

इसी सिलसिले में पुलिस ने एसजेड हॉल में शहबाज की तलाश में दबिश दी, जहां से कारतूस, मैग्जीन, नकली नोट और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। बरामद लैपटॉप किसी अन्य छात्र का बताया जा रहा है। फिलहाल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और शहबाज की तलाश जारी है।

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिले का शक

एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि पुलिस ने उन्हें तलाशी के लिए बुलाया था। कमरे की जांच में एक ही नाम की दो मार्कशीट और दो नामांकन पत्र मिले हैं, जिनमें जन्मतिथि में लगभग दस साल का अंतर है।

इससे आशंका जताई जा रही है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विश्वविद्यालय में दाखिला लिया गया हो सकता है। शहबाज के सभी दस्तावेजों की दोबारा जांच की जा रही है। जांच के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।हालांकि एफएम टॉवर इलाके में झगड़ा किन लोगों के बीच और किस वजह से हुआ, इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को नहीं है।

पहले भी एएमयू में अपराधियों के छिपने के आरोप

यह पहला मामला नहीं है जब एएमयू परिसर में अपराधियों के छिपने की बात सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार ऐसे आरोप लग चुके हैं।दिसंबर में एएमयू के शिक्षक रॉव दानिश की हत्या भी कैंपस के अंदर ही हुई थी, लेकिन उसके आरोपी अब तक पकड़े नहीं जा सके हैं।

इसके अलावा सिविल लाइंस क्षेत्र में हुई कई घटनाओं के बाद भी जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी एएमयू परिसर में छिप गए थे। हाल ही में लगातार हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भी लिखा था। इसके बाद बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर जांच और निगरानी की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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