Nari Shakti: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की महिला वकीलों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि यह कानून भले ही वर्तमान पीढ़ी को सीमित लाभ दे, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव साबित होगा। वकीलों ने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
वर्षों का इंतजार, अब मिला अवसर
वकील मीनाक्षी चौधरी ने कहा कि महिलाएं पिछले तीन दशकों से इस तरह के कानून का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने कहा कि भले ही इस कानून का पूरा लाभ वर्तमान पीढ़ी को न मिल पाए, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित होगा।
Nari Shakti: राजनीति में महिलाओं को नहीं मिलते पर्याप्त मौके
मीनाक्षी चौधरी ने यह भी कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन राजनीति में उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिलते। कई बार राजनीतिक दल केवल अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाते हैं, जबकि आम महिलाओं को अवसर नहीं मिल पाता।
आरक्षण से मिलेगा आत्मविश्वास और बढ़ावा
वकील किरनदीप कौर ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई बार महिलाएं खुद को कम आंकती हैं, जबकि उनमें अपार संभावनाएं होती हैं। आरक्षण मिलने से महिलाओं को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास और प्रेरणा मिलेगी।
Nari Shakti: प्रतिनिधित्व के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
वकील रिंकी के. सिंघानिया ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि केवल नाम के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से महिलाओं को नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं को मौका मिला है, वहां उन्होंने खुद को साबित किया है, इसलिए जरूरी है कि उन्हें वास्तविक जिम्मेदारी भी दी जाए।








