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नोएडा हिंसा: पुलिस का बड़ा खुलासा, साजिश के पीछे संगठित नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन

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Up news: नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मुताबिक यह हिंसा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश थी। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने मिलकर मजदूरों को भड़काने और माहौल खराब करने की कोशिश की।

कैसे रची गई हिंसा की साजिश

पुलिस के अनुसार, इस पूरी साजिश की शुरुआत 31 मार्च से ही हो गई थी। 31 मार्च और 1 अप्रैल को आरोपी रूपेश राय और आदित्य आनंद का मूवमेंट नोएडा में साथ देखा गया। इसके बाद 9 और 10 अप्रैल को QR कोड के जरिए व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए, जिनमें मजदूरों को जोड़ा गया। 10 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन शुरू हुआ और 11 अप्रैल को उन्हें रोड जाम के लिए उकसाया गया। जब मामला शांत होने लगा तो भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को फिर से उकसाया गया।

Up news: पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट

जांच में यह भी सामने आया है कि इस हिंसा को भड़काने में दो X (ट्विटर) अकाउंट का इस्तेमाल हुआ, जो पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे। ये अकाउंट VPN के जरिए चलाए जा रहे थे और पिछले तीन महीने से सक्रिय थे। पुलिस का कहना है कि किसी संगठित तत्व द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही थी। सोशल मीडिया और डेटा बेस के जरिए मजदूरों को गुमराह किया गया।

Up news: अब तक की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

इस मामले में अब तक 13 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 9 लोग आगजनी और पुलिस पर हमले में शामिल थे। पुलिस ने साफ किया है कि इनमें से ज्यादातर आरोपी मजदूर नहीं, बल्कि बाहरी लोग हैं। मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। कुछ आरोपियों के खिलाफ NSA के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी खबरों से भड़काई गई भीड़

Up news: 13 अप्रैल को सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर माहौल और बिगाड़ा गया। अफवाह फैलाई गई कि पुलिस फायरिंग में कई लोगों की मौत हो गई है, जिससे भीड़ और ज्यादा उग्र हो गई। फिलहाल नोएडा में स्थिति सामान्य है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और मजदूर भी धीरे-धीरे काम पर लौट रहे हैं।

 

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