New Delhi: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि मार्च 2026 से अब तक लगभग 5.96 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन चालू किए गए हैं और अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इस तरह कुल क्षमता बढ़कर 8.64 लाख कनेक्शन हो गई है।
एक आधिकारिक बयान में मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा, लगभग 6.66 लाख उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
सिलेंडर सरेंडर कर रहे
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 1 मई तक 43,350 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। इसका मतलब है कि लोग पीएनज कनेक्शन की के प्रति जागरूक होकर उत्साह दिखा रहे हैं। अप्रैल 2026 से अब तक 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों की 22.78 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेची जा चुकी हैं।
मंत्रालय ने बताया कि 3 अप्रैल से अब तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (पीएसयू ओएमसी) ने 9,980 से ज्यादा जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 1.71 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
अप्रैल 2026 से अब तक कुल 2,05,849 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम के 108.34 लाख एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है। पिछले महीने से अब तक पीएसयू ओएमसी ने 10,698 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी भी बेचा है।
उर्वरक (फर्टिलाइजर) प्लांट्स को गैस की आपूर्ति बढ़ाकर उनके पिछले छह महीनों के औसत उपयोग का लगभग 98 प्रतिशत कर दिया गया है।
अप्रैल 2026 से अब तक कुल 2,05,849 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम के 108.34 लाख एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है। पिछले महीने से अब तक पीएसयू ओएमसी ने 10,698 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी भी बेचा है।
उर्वरक (फर्टिलाइजर) प्लांट्स को गैस की आपूर्ति बढ़ाकर उनके पिछले छह महीनों के औसत उपयोग का लगभग 98 प्रतिशत कर दिया गया है।
New Delhi: एलपीजी का उत्पादन बढ़ा
बयान में कहा गया है कि देश में सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। साथ ही पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है।
घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन भी बढ़ाया गया है।
इसके अलावा, घरेलू बाजार में पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन किया गया है।
9 अप्रैल 2026 से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापट्टनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों से 10,000 मीट्रिक टन से अधिक प्रोपिलीन और 1,200 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट केमिकल, फार्मा और पेंट उद्योगों को बेचा गया है।
घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों में एलपीजी का उत्पादन भी बढ़ाया गया है।
इसके अलावा, घरेलू बाजार में पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन किया गया है।
9 अप्रैल 2026 से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापट्टनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों से 10,000 मीट्रिक टन से अधिक प्रोपिलीन और 1,200 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट केमिकल, फार्मा और पेंट उद्योगों को बेचा गया है।
New Delhi: पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक
ईंधन के मामले में सरकार ने कहा कि देश भर के सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। सरकार ने बताया कि कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी देखी गई है। लेकिन देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।








