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CM Yogi: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने सीएम योगी को लिखा पत्र

CM Yogi
Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses a press conference on the Women Reservation Bill at the BJP office in Lucknow on Sunday, April 19, 2026. (Photo: IANS)

CM Yogi: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के मंच ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत पत्र भेजा है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में काम कर रहे श्रमिकों की बदतर स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। पत्र में श्रमिकों के न्यूनतम मजदूरी, लंबे काम के घंटे, सुरक्षा, यूनियन अधिकार और पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की गई है।

श्रमिकों की बदतर स्थिति पर चिंता

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने पत्र में कहा कि पिछले 10 वर्षों से न्यूनतम मजदूरी में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि इसके लिए न्यूनतम मजदूरी अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान हैं। महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के कारण श्रमिकों का जीवन कठिन हो गया है। इसके अलावा, कई औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों के लिए बुनियादी सुरक्षा उपाय भी उपलब्ध नहीं हैं।

CM Yogi: लंबे काम के घंटे और ओवरटाइम का मुद्दा

ट्रेड यूनियनों ने आरोप लगाया कि श्रमिकों को बिना ओवरटाइम भुगतान के 12-13 घंटे काम करने को मजबूर किया जाता है। खासकर महिला श्रमिकों के साथ कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार की शिकायतें आम हो गई हैं। इसके अलावा, कार्यस्थलों पर शौचालय, पीने का पानी और विश्राम कक्ष जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

यूनियन बनाने पर प्रतिबंध

पत्र में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया है कि श्रमिकों को अपनी यूनियन बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अगर कोई श्रमिक यूनियन बनाने का प्रयास करता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। सामूहिक सौदेबाजी की पूरी तरह अनुपस्थिति ने श्रमिकों में निराशा और हताशा बढ़ा दी है।

CM Yogi: प्रशासन की सख्ती और श्रमिकों पर पुलिस कार्रवाई

ट्रेड यूनियनों ने आरोप लगाया कि जब श्रमिकों ने अपनी समस्याओं को उठाया, तो प्रशासन ने उनके नेताओं को नजरबंद कर दिया और प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों पर पुलिस ने अत्याचार किया। इसके अलावा, महिला श्रमिकों का अपमान किया गया और कई परिवार अपने गिरफ्तार सदस्यों का पता लगाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जमानत याचिकाएं भी खारिज हो रही हैं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया  है कि वे श्रमिकों के प्रति नरम रुख अपनाएं और गिरफ्तार श्रमिकों को रिहा करें। उन्होंने यह भी मांग की कि न्यूनतम मजदूरी पर समिति का गठन किया जाए और श्रमिकों के मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई जाए।

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