Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण की मतगणना के बाद पूर्व बर्धमान जिले की मोंटेश्वर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सैकत पांजा ने बड़ी जीत दर्ज की है। इस सीट पर हुए कड़े मुकाबले में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 14,798 मतों से पराजित किया। मोंटेश्वर सीट पर इस बार रिकॉर्ड मतदान ने पहले ही संकेत दे दिया था कि मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है, जिसका परिणाम अब सामने आ गया है।
रिकॉर्ड मतदान के बीच भाजपा की जीत
मोंटेश्वर विधानसभा क्षेत्र में इस बार 93.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक मतदान वाले क्षेत्रों में शामिल रहा। पूरे पूर्व बर्धमान जिले में औसतन 93.83 प्रतिशत मतदान हुआ। मतगणना में सैकत पांजा को 96,559 वोट मिले, जबकि सिद्दीकुल्लाह चौधरी को 81,761 मत प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने निर्णायक बढ़त हासिल करते हुए जीत अपने नाम कर ली।
Bengal Election: मुकाबले में अन्य दलों की स्थिति
इस सीट पर वाम दल और कांग्रेस भी मैदान में थे, लेकिन वे मुकाबले में पिछड़ गए। सीपीआई (एम) के उम्मीदवार अनुपम घोष को 18,192 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के उम्मीदवार ज्योतिर्मय मंडल को अपेक्षाकृत बहुत कम मत मिले। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी वोटों के बंटवारे से भाजपा को सीधा लाभ मिला, जिससे उसकी जीत आसान हुई।
राजनीतिक समीकरण और जीत के मायने
मोंटेश्वर सीट का राजनीतिक इतिहास काफी रोचक रहा है। लंबे समय तक यहां वाम मोर्चा का प्रभाव रहा, जबकि बाद के वर्षों में तृणमूल कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत की। वर्ष 2021 के चुनाव में सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने इसी सीट पर सैकत पांजा को बड़े अंतर से हराया था, लेकिन इस बार परिणाम उलट गया। 34 वर्षीय सैकत पांजा एक युवा और शिक्षित चेहरा हैं, जिन्होंने संगठनात्मक रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर जोर देकर मतदाताओं का समर्थन हासिल किया। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस को अपने पारंपरिक वोट बैंक को बनाए रखने में चुनौती का सामना करना पड़ा। मोंटेश्वर सीट का यह परिणाम न केवल स्थानीय राजनीति के लिए अहम है, बल्कि यह पूरे राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों का भी संकेत देता है। भाजपा की यह जीत आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर व्यापक असर डाल सकती है।








