New Delhi: भारतीय इतिहास में अनेक युद्धों का वर्णन मिलता है। इनमें ‘प्लासी’ के युद्ध का विशेष तौर पर उल्लेख किया जाता है। 23 जून 1757 को बंगभूमि के ‘प्लासी’ नामक स्थान पर लड़ा गया यह युद्ध भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव का कारण बना। इस युद्ध के बाद पूरे भारत में ब्रिटिश राज कायम हुआ। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने आज जो ऐतिहासिक विजय हासिल की है, उसे देखते हुए स्वाभाविक तौर पर सवाल उठ सकता है कि क्या बंगभूमि भाजपा के लिए भी ‘प्लासी’ साबित होने जा रही है? क्या पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक जीत पूरे देश में उसका एकछत्र राज कायम करने का रास्ता प्रशस्त करेगी ?
New Delhi: ऐतिहासिक उपलब्धि
बंगभूमि में आज जय श्रीराम के नारे गूंज रहे हैं, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। कोलकाता में भाजपा कार्यालय के बाहर ‘कमला भोग’ व ‘झाल मुड़ी’ जैसी मिठाइयां बांटी गईं। भाजपा कार्यकर्ताओं का यह उत्साह पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और देश के तमाम गांवों-शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं में गजब का जोश है। बंगाल की इस ऐतिहासिक जीत ने असम सहित अन्य राज्यों में हुई भाजपा की जीत के रंग को फीका कर दिया है। यह जीत भाजपा के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। संघ को सौ साल पूरे होने पर एक बड़ा तोहफा है। बंगाल की धरती में जन्मे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित देश के उन तमाम दिवंगत नेताओं को श्रद्धांंजलि है, जो बंगभूमि पर भगवा परचम लहराने के लिए प्रयासरत रहे।
New Delhi: दक्षिण में बढ़ते कदम
बंगाल की जीत के बाद “गंगोत्री से गंगा सागर” तक भगवा धारा बह रही है। यही नहीं नदियों में “नद” कहे जाने वाले ब्रह्मपुत्र में भी एक बार फिर से भगवा लहर चल रही है।यह लहर दिन-प्रतिदिन तेज होती जा रही है। आज देश के कुल 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में से 19 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में भाजपा नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन सत्ता में है। 16 राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं, बंगाल की जीत के बाद यह संख्या 17 हो जाती है। छह राज्यों में एनडीए के मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, गोवा, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, त्रिपुरा, मणिपुर, बिहार, दिल्ली जैसे राज्यों में भाजपा सत्ता में है। आंध्र प्रदेश, सिक्किम, पुडुचेरी, मेघालय जैसे राज्यों में भी एनडीए का शासन है। देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा की पहुंच हो चुकी है। अब पश्चिम बंगाल की जीत के बाद पूरे देश में उसके कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी ऊँचा होना स्वाभाविक है। अब वे देश के शेष राज्यों में भी भगवा परचम लहराने के लिए उत्साहित रहेंगे। उनके उत्साह की एक वजह यह भी है कि दक्षिण के जिस केरल राज्य की विधानसभा में भाजपा की उपस्थिति नहीं थी, वहां भी अब उसने दस्तक दे दी है।








