Odisha news: ओडिशा के मयूरभंज जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की और उसके परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर उन्हें मदद मिलने के बजाय केस वापस लेने का दबाव झेलना पड़ा। आरोप है कि पुलिस के व्यवहार से लड़की इतनी डर गई कि थाने से बाहर निकलते ही बेहोश हो गई।
थाने में बयान देने गई थी नाबालिग
मामला मयूरभंज जिले के मोरड़ा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, इलाके का एक युवक लगातार लड़की का पीछा करता था और उस पर टिप्पणी करता था। इससे परेशान होकर परिवार शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने FIR दर्ज करने में भी टालमटोल की। बाद में जब उन्होंने SDPO से शिकायत की, तब उन्हें दोबारा थाने बुलाया गया।
Odisha news: “केस वापस लो” का दबाव?
परिवार का आरोप है कि थाने में बयान दर्ज करने के दौरान नाबालिग पर केस वापस लेने का दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि पुलिस का रवैया इतना सख्त था कि लड़की मानसिक रूप से टूट गई और थाने में ही फूट-फूटकर रोने लगी। परिजनों के मुताबिक, थाने से बाहर निकलते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। इसके बाद पहले उसे स्थानीय अस्पताल और फिर बारीपदा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Odisha news: परिवार ने थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने सीधे तौर पर थाना प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि वे न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें डर और दबाव का सामना करना पड़ा। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पास पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की।
ASP ने क्या कहा?
मयूरभंज के ASP दीपक कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी श्रवण कुमार भुइयां के खिलाफ BNS की धारा 78, 296 और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। ASP के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि परिवार से लिखित शिकायत मांगी गई है। यदि पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो CCTV फुटेज की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
Odisha news: इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में पुलिस के रवैये को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि अगर शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को ही डर और दबाव का सामना करना पड़े, तो आम लोग न्याय के लिए किस पर भरोसा करें। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पीड़ित परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है।
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