Kedarnath Yatra: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार बिगड़ा हुआ है। तेज बारिश और कई जगहों पर हुए भूस्खलन के कारण हालात मुश्किल बन गए हैं। इसी वजह से केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। यात्रा रुकने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह यात्री फंसे हुए हैं और सड़कों पर लंबा जाम भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
केदारनाथ यात्रा पर अस्थायी रोक
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया है। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई है कि भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं 8958757335 और 8218326386। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर भी मदद ली जा सकती है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग करने की अपील की है।

Kedarnath Yatra: बद्रीनाथ मार्ग पर भीषण जाम की स्थिति
दूसरी ओर जोशीमठ के पास बद्रीनाथ नेशनल हाईवे (NH-7) पर भारी जाम लग गया है, जिससे यातायात लगभग ठप हो गया है। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात की गई है। जाम को नियंत्रित करने के लिए 30-30 मिनट के अंतराल पर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही टोकन आधारित गेट सिस्टम भी शुरू किया गया है ताकि वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सके।
🚨 केदारनाथ यात्रा अस्थाई रूप से रोकी गई 🚨
⛈️ जनपद रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु केदारनाथ यात्रा को अस्थाई तौर पर रोका गया है।
📞 हेल्पलाइन (DEOC): 8958757335, 8218326386 | 🚓 डायल 112
प्रशासन का सहयोग करें। सुरक्षित रहें! pic.twitter.com/qMxU2VtLtX— Rudraprayag Police Uttarakhand (@RudraprayagPol) May 31, 2026
भारी भीड़ और खराब सड़कें बनी बड़ी समस्या
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 30,000 से 35,000 यात्री बद्रीनाथ धाम और 5,000 से 10,000 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के कारण राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भारी दबाव बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि जोशीमठ-मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग मार्ग का लगभग 10 किलोमीटर हिस्सा बेहद खराब स्थिति में है। कुछ वर्ष पहले हुए भू-धंसाव ने इस क्षेत्र की सड़क संरचना को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है।
ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित तरीके से चलाया जा रहा
एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि संकरे रास्तों और लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए एक सुनियोजित एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की गई है। जोशीमठ में नरसिंह मंदिर के पास एक गेट सिस्टम बनाया गया है, जहां वाहनों को बारी-बारी से छोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था के दौरान यात्री अपनी बारी का इंतजार करते हुए मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। प्रशासन के अनुसार यह ट्रैफिक सिस्टम वर्तमान में काफी प्रभावी तरीके से काम कर रहा है।








