Iran Kuwait Attack: सोमवार, 1 जून की सुबह ईरान ने कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। हमले के दौरान पूरे देश में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए, जिससे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया।
दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल अमेरिका की सेना ईरानी क्षेत्र पर हमले करने के लिए करती रही है।

कुवैत सेना का बयान
कुवैत सेना ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि लोगों को जो धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए वायु रक्षा प्रणाली द्वारा की गई कार्रवाई का परिणाम हैं।कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी कुना (KUNA) के मुताबिक, हमले के बाद पूरे देश में एयर रेड सायरन बजाए गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने की बात कही जा रही है।
تتصدى حالياً الدفاعات الجوية الكويتية لهجمات صاروخية وطائرات مسيرة معادية.
تنوه رئاسة الأركان العامة للجيش أن أصوات الانفجارات إن سمعت فهي نتيجة اعتراض منظومات الدفاع الجوي للهجمات المعادية.
يرجى من الجميع التقيد بتعليمات الأمن والسلامة الصادرة عن الجهات المختصة.… pic.twitter.com/TkNLV2Yj4E
— KUWAIT ARMY – الجيش الكويتي (@KuwaitArmyGHQ) June 1, 2026
Iran Kuwait Attack: 28 मई को भी हुआ था हमला
इससे पहले 28 मई को भी कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया था। उस समय बंदर अब्बास में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया था।
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार बदल रहे हैं। इसी बीच कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से फोन पर बातचीत की।इस बातचीत में क्षेत्र में चल रही ताजा घटनाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा तथा स्थिरता को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई।
ईरान ने फिर शुरू की मिसाइल ठिकानों की बहाली
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई महीनों तक चली खुदाई और मरम्मत के बाद ईरान ने अपने भूमिगत मिसाइल ठिकानों के बड़े हिस्से तक दोबारा पहुंच बना ली है।
अमेरिका और इजरायल ने संघर्ष के दौरान ईरान के 18 भूमिगत मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया था और उनकी 69 सुरंगों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए थे। हालांकि अब ईरान इनमें से 50 प्रवेश मार्गों को फिर से खोलने में सफल हो गया है।
समझौते पर अभी नहीं बनी सहमति
हालांकि अब तक किसी भी तरह के आधिकारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है। इस मुद्दे पर शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य अंतिम निर्णय लेना था।लेकिन बैठक के बाद भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि किसी भी संभावित समझौते में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल रहेगा।
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