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India-Bangladesh Border: अपने ही नागरिकों को लेने से पीछे हटा बांग्लादेश, सीमा पर आमने-सामने BSF और BGB

India-Bangladesh Border: अपने ही नागरिकों को लेने से पीछे हटा बांग्लादेश, सीमा पर आमने-सामने BSF और BGB

India-Bangladesh Border: भारत ने अवैध रूप से देश में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रहने वालों को उनके देश वापस भेजा जाएगा। इसी अभियान के तहत कई बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा तक पहुंचाया गया, लेकिन वहां एक नया विवाद खड़ा हो गया।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने अपने ही नागरिकों को वापस लेने से इनकार कर दिया। इससे कई सीमा चौकियों पर दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां आमने-सामने आ गईं।

लालमोनिरहाट में BGB ने रोकी वापसी की प्रक्रिया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश के लालमोनिरहाट क्षेत्र में तीन अलग-अलग बॉर्डर पॉइंट्स पर भारतीय सुरक्षा बलों ने 33 लोगों को बांग्लादेश भेजने की कोशिश की। लेकिन BGB ने इन लोगों को स्वीकार करने से मना कर दिया।बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे तीन अलग-अलग स्थानों पर यह घटनाएं हुईं। BGB की 16 और 61 बटालियन के अधिकारियों ने भारतीय पक्ष की पहल को रोक दिया, जिसके बाद वापसी की पूरी प्रक्रिया अटक गई।

India-Bangladesh Border: सीमा पर कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं लोग

सूत्रों के अनुसार, कई बांग्लादेशी नागरिक पिछले कई दिनों से सीमा क्षेत्र में अपने देश लौटने का इंतजार कर रहे हैं। भारत का कहना है कि ये लोग बांग्लादेश के नागरिक हैं और उन्हें वापस लिया जाना चाहिए, जबकि BGB उनकी पहचान और नागरिकता को लेकर सवाल उठा रही है।यही कारण है कि सीमा पर लगातार गतिरोध बना हुआ है और कई स्थानों पर तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है।

India-Bangladesh Border: सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चौकसी

घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। भारतीय सुरक्षा बल हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। अधिकारियों का कहना है कि अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

भारत की नीति में आया बड़ा बदलाव

हाल के महीनों में भारत ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभिन्न राज्यों में चलाए गए अभियान के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई है। सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अवैध प्रवास पर नियंत्रण आवश्यक है।सीमा पर पैदा हुए इस गतिरोध ने दोनों देशों के अधिकारियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। यदि बांग्लादेश अपने नागरिकों को स्वीकार नहीं करता है तो स्थिति और जटिल हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत अहम मानी जा रही है।
फिलहाल सीमा पर हालात संवेदनशील बने हुए हैं और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

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