Home » राष्ट्रीय » India Talent: दुनिया में भारतीय प्रतिभाओं का बढ़ा दबदबा

India Talent: दुनिया में भारतीय प्रतिभाओं का बढ़ा दबदबा

India Talent

India Talent: दुनिया भर में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग के बीच भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत प्रमुख वैश्विक वीजा कार्यक्रमों में अग्रणी देशों में शामिल है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुशल प्रतिभाओं का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और यूरोप जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी और पेशेवर कौशल के दम पर भारतीय प्रतिभाएं वैश्विक रोजगार बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

अमेरिका और ब्रिटेन में भारतीयों की मजबूत पकड़

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के एच-वन-बी वीजा कार्यक्रम में भारत सबसे बड़ा स्रोत देश बना हुआ है। वहीं ब्रिटेन के कुशल श्रमिक वीजा और यूरोपीय संघ के ब्लू कार्ड कार्यक्रम में भारत दूसरे स्थान पर है। यह स्थिति दर्शाती है कि वैश्विक कंपनियां भारतीय पेशेवरों की योग्यता और अनुभव पर भरोसा कर रही हैं। बदलते रोजगार परिदृश्य में अब कंपनियां केवल कम लागत वाले कर्मचारियों की तलाश नहीं कर रहीं, बल्कि विशेष कौशल रखने वाले विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए अधिक वेतन देने को भी तैयार हैं।

India Talent: स्थानीय कर्मचारियों से अधिक मिल रहा वेतन

डेढ़ सौ से अधिक देशों में चालीस हजार से ज्यादा कंपनियों के भर्ती आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट में पाया गया कि वीजा धारक कर्मचारियों को कई मामलों में स्थानीय कर्मचारियों से अधिक वेतन मिल रहा है। अमेरिका में एच-वन-बी वीजा धारकों का औसत वार्षिक वेतन लगभग एक लाख चालीस हजार डॉलर है, जबकि समान पदों पर कार्यरत अमेरिकी नागरिकों का औसत वेतन एक लाख तीस हजार डॉलर है। इसी प्रकार ब्रिटेन में भी कुशल श्रमिक वीजा धारकों की आय स्थानीय नागरिकों की तुलना में अधिक दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर प्रतिभा की कमी को पूरा करने के लिए भारतीय पेशेवरों को प्राथमिकता दी जा रही है।

संयुक्त अरब अमीरात बना सबसे बड़ा केंद्र

रिपोर्ट में बताया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात भारतीय पेशेवरों के लिए सबसे बड़ा वैश्विक गंतव्य बना हुआ है। वहां गोल्डन वीजा और सामान्य रोजगार वीजा दोनों श्रेणियों में भारतीय सबसे आगे हैं। वर्तमान में देश की कुल आबादी में भारतीयों की हिस्सेदारी लगभग अड़तीस प्रतिशत है। संयुक्त अरब अमीरात के बाद सिंगापुर, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा भारतीय पेशेवरों के प्रमुख पसंदीदा देशों में शामिल हैं। गोल्डन वीजा धारकों की औसत आय सामान्य रोजगार वीजा धारकों की तुलना में काफी अधिक पाई गई है।

India Talent: तकनीकी क्षेत्रों में बढ़ी मांग, भारत वापसी की उम्मीद

इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय पेशेवरों की भर्ती में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा ब्रिटेन और अमेरिका में भी भर्ती के आंकड़ों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। जर्मनी की अवसर कार्ड योजना के तहत जारी कुल परमिटों में लगभग एक-तिहाई भारतीयों को मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भविष्य में विदेशों में अनुभव प्राप्त कर चुके पेशेवर भारत लौट सकते हैं, जिससे देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को नई गति मिलने की संभावना है।

ये भी पढ़ें… ईरान ने पूरी तरह बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, जहाजों को बनाएगा निशाना