Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों के खिलाफ योगी सरकार का बुलडोजर अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने एक मदरसे को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्रवाई को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मसूरी थाना क्षेत्र के कुशलिया गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर ‘फैज-ए-आम मदरसा मिस्बाह उल उलूम‘ का निर्माण किया गया था। राजस्व विभाग की जांच और पैमाइश में यह स्पष्ट हुआ कि मदरसा सार्वजनिक उपयोग और खाद के गड्ढों के लिए दर्ज सरकारी भूमि पर बना हुआ है। जिला प्रशासन के मुताबिक, जिस जमीन पर मदरसा बनाया गया था उसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। बताया जा रहा है कि यामीन पुत्र गनी ने वर्षों पहले इस जमीन पर कब्जा कर मदरसे का निर्माण कराया था। हालांकि यामीन की अब मृत्यु हो चुकी है। प्रशासन ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया।
गाजियाबाद में अवैध मदरसे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन। सदर SDM ने आधिकारिक सूचना जारी करते हुए कार्रवाई की पुष्टि की। नियमों के विरुद्ध निर्माण और संचालन पर प्रशासन की सख्त नजर, जांच और कार्रवाई का सिलसिला जारी।#Ghaziabad #Dasna #SDM #AdministrativeAction #LawAndOrder pic.twitter.com/R0Gku6ZsZ7
— Khabar India ख़बर इंडिया (@_KhabarIndia) June 16, 2026
Ghaziabad News: जवानों की निगरानी में चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ करीब 400 पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के जवान तैनात रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय और राजस्व विभाग की प्रक्रिया के अनुरूप की जा रही है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता होगी। वहीं इस मामले में एसडीएम सदर अरुण दीक्षित ने बताया कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि पर लगभग 880 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध कब्जा पाया गया। जांच में सामने आया कि मदरसा करीब 25 से 30 वर्ष पुराना है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में इस निर्माण की कोई वैध अनुमति उपलब्ध नहीं है।
ये भी पढ़े… ‘हिम्मत होती तो…’ तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों पर क्या बोले हुमायूं कबीर?








