Home » राष्ट्रीय » मध्य प्रदेश में खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, पुलिस में हर साल 60 पदों पर होगी सीधी भर्ती

मध्य प्रदेश में खिलाड़ियों को बड़ी सौगात, पुलिस में हर साल 60 पदों पर होगी सीधी भर्ती

MP Police

MP Police: मध्य प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने तय किया है कि अब पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की हर वर्ष सीधी भर्ती की जाएगी। इसके तहत प्रतिवर्ष उप निरीक्षक के 10 और आरक्षक के 50 पदों सहित कुल 60 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इस फैसले का उद्देश्य खिलाड़ियों को सरकारी सेवा के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ खेल गतिविधियों में उनकी निरंतर भागीदारी को बढ़ावा देना है।

भर्ती नियमों में किया गया महत्वपूर्ण संशोधन

राज्य के गृह विभाग ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति से संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। संशोधित व्यवस्था के तहत चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाया गया है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और खेलों के प्रति युवाओं का रुझान भी बढ़ेगा।

MP Police: हर वर्ष नियमित रूप से होगी भर्ती प्रक्रिया

नई व्यवस्था के अनुसार खेल कोटे के अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया अब नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाएगी। पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा प्रतिवर्ष रिक्त पदों का विज्ञापन जारी करेगी। इससे खिलाड़ियों को अवसरों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

खिलाड़ियों को मिलेगी कई तरह की छूट

संशोधित नियमों के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंडों में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट मिलेगी। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। इन प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

MP Police: कौन-कौन होंगे भर्ती के पात्र

उप निरीक्षक पद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले अथवा पदक जीतने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे। वहीं आरक्षक पद के लिए राष्ट्रीय खेलों और अधिकृत राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पात्र माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा और वे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अधिक प्रेरित होंगे।

ये भी पढ़ें…जेबें कैंची से काटी जाएंगी और फिर WhatsApp?’ Telegram बैन पर राहुल गांधी का बड़ा बयान