West Bengal Day 2026: पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे बंगाल के इतिहास का निर्णायक दिन बताया। इस मौके पर उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के लिए पश्चिम बंगाल दिवस के ऐतिहासिक महत्व को दबाया गया। उन्होंने कहा कि अब उस “काले अध्याय” का अंत हो गया है और राज्य के वास्तविक इतिहास को उसका उचित सम्मान मिल रहा है।
‘इतिहास मिटाने की साजिश अब खत्म’
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कई दशकों बाद पहली बार राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित सरकार पश्चिम बंगाल दिवस को आधिकारिक रूप से मना रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरित होकर सरकार ने पश्चिम बंगाल के गठन के वास्तविक इतिहास को स्वीकार किया है। उनके अनुसार, “हमारे इतिहास को मिटाने की घिनौनी साजिश आज समाप्त हो गई है और वोट बैंक की राजनीति व तुष्टीकरण के काले अध्याय का अंत हो गया है।”
West Bengal Day 2026: टीएमसी पर लगाया इतिहास दबाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने केवल अपने राजनीतिक हितों और वोट बैंक की राजनीति के कारण पश्चिम बंगाल दिवस के महत्व को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बंगाली अस्मिता के संघर्ष और राज्य गठन में योगदान देने वाले महान नेताओं को इतिहास से मिटाने की कोशिश की गई, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और वास्तविक इतिहास से अनजान रहे।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को बताया पश्चिम बंगाल का शिल्पकार
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाली समाज हमेशा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. मुखर्जी ने अविभाजित बंगाल को पूरी तरह पाकिस्तान में शामिल करने की योजना का विरोध न किया होता, तो आज भारत के नक्शे पर पश्चिम बंगाल का अस्तित्व ही नहीं होता। उनके अडिग नेतृत्व और संघर्ष के कारण ही पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न हिस्सा बन सका।
West Bengal Day 2026: महान विभूतियों को किया याद
मुख्यमंत्री ने भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद महाराज और पश्चिम बंगाल विधानसभा के उन सभी सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने राज्य के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यदि उस समय इन नेताओं ने बंगालियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित नहीं किया होता, तो आज उनकी संस्कृति, भाषा और पहचान संकट में होती।
‘नए और सुरक्षित पश्चिम बंगाल का लें संकल्प’
अपने संदेश के अंत में सुवेंदु अधिकारी ने राज्यवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को अपनाकर एक सुरक्षित, समृद्ध और विकसित पश्चिम बंगाल के निर्माण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि अब समय बंगाल के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने और भविष्य को मजबूत बनाने का है।
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