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443 रन बनाने वाला इकलौता भारतीय बल्लेबाज, फिर भी टीम इंडिया से खेलने का नहीं मिला मौका

Bhausaheb Nimbalkar:

Bhausaheb Nimbalkar: क्रिकेट में शतक, दोहरा शतक और तिहरा शतक लगाना बड़ी उपलब्धि माना जाता है, लेकिन 400 रन का आंकड़ा छूना बेहद दुर्लभ है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ कुछ ही बल्लेबाज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। भारत की बात करें तो आज तक केवल एक भारतीय बल्लेबाज ने 400 से ज्यादा रन बनाए हैं।

Bhausaheb Nimbalkar: 1948 में खेली थी 443 रन की ऐतिहासिक पारी-

महाराष्ट्र के लिए खेलने वाले भाऊसाहेब निंबालकर ने 1948 में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इस दौरान उनके बल्ले से 49 चौके और एक छक्का निकला। यह पारी आज भी भारतीय फर्स्ट क्लास क्रिकेट की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी मानी जाती है।

Bhausaheb Nimbalkar: 78 साल बाद भी कोई भारतीय नहीं तोड़ सका रिकॉर्ड-

निंबालकर के इस रिकॉर्ड को बने करीब 78 साल हो चुके हैं। इस दौरान सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, विराट कोहली और कई महान भारतीय बल्लेबाज आए, लेकिन कोई भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 400 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

घरेलू क्रिकेट में कई टीमों का किया प्रतिनिधित्व-

भाऊसाहेब निंबालकर ने अपने घरेलू करियर में महाराष्ट्र के अलावा बड़ौदा, होल्कर, रेलवेज और राजस्थान की ओर से भी क्रिकेट खेला। उन्होंने अपने प्रदर्शन से घरेलू क्रिकेट में अलग पहचान बनाई।

इतिहास रचने के बावजूद नहीं मिला टीम इंडिया में मौका-

इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बावजूद भाऊसाहेब निंबालकर को कभी भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर के 80 मैचों में 47.93 की औसत से 4,841 रन बनाए। इस दौरान उनके नाम 12 शतक और 22 अर्धशतक दर्ज रहे। बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने गेंदबाजी में भी 58 विकेट हासिल किए।

भारतीय क्रिकेट के इतिहास का अनोखा अध्याय-

भाऊसाहेब निंबालकर का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। 443 रन की उनकी ऐतिहासिक पारी आज भी एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे कोई भारतीय बल्लेबाज अब तक नहीं दोहरा पाया है

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