Army Chief General Dhiraj Seth: भारतीय सेना को नया सेनाध्यक्ष मिल गया है। जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को देश के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। नई दिल्ली में आयोजित सैन्य समारोह में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। लेकिन इस पूरे समारोह का सबसे भावुक और चर्चित पल तब आया, जब जनरल धीरज सेठ ने गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद अपने पिता लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ (सेवानिवृत्त) को सैन्य परंपरा के अनुसार सैल्यूट किया और फिर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
भाई ने भी किया सैल्यूट, परिवार के लिए बना गर्व का पल
इस खास अवसर पर जनरल धीरज सेठ के छोटे भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ भी मौजूद थे। उन्होंने भी अपने बड़े भाई और नए सेना प्रमुख को सैल्यूट कर सम्मान दिया। एक ही परिवार के तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी ने इस समारोह को और भी ऐतिहासिक बना दिया। सोशल मीडिया पर भी यह भावुक पल तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सैन्य परंपरा का अद्भुत संगम बता रहे हैं।
Army Chief General Dhiraj Seth: ‘जय से विजय’ होगा मेरा मार्गदर्शक मंत्र
कार्यभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना के 31वें सेनाध्यक्ष का दायित्व संभालना उनके लिए गर्व और विनम्रता का क्षण है। उन्होंने कहा कि वह ‘कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि’ के सिद्धांतों के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। उन्होंने अपना आदर्श वाक्य बताते हुए कहा कि उनका मंत्र ‘जय से विजय’ होगा।उन्होंने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन पर विश्वास जताकर भारतीय सेना का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही उन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
Army Chief General Dhiraj Seth: जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह संभाली कमान
जनरल धीरज सेठ ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लिया है, जो चार दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। ऐसे समय में उन्होंने सेना की कमान संभाली है जब देश की सीमाओं पर लगातार सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं और आधुनिक युद्ध तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे दौर में भारतीय सेना को भविष्य के लिए तैयार करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल होगा।
चार दशक का शानदार सैन्य अनुभव
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के पूर्व छात्र जनरल धीरज सेठ दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन हुए थे। लगभग 40 वर्षों के अपने सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और अभियानगत, रणनीतिक तथा संस्थागत स्तर पर उल्लेखनीय योगदान दिया।उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर आर्मर्ड रेजिमेंट, आर्मर्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी बल का सफल नेतृत्व किया। लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ‘सुदर्शन चक्र कोर’ की कमान भी संभाली। इसके अलावा दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई महत्वपूर्ण सैन्य आयोजनों की जिम्मेदारी भी निभाई।जनरल धीरज सेठ ने सेना मुख्यालय में रणनीतिक योजना, क्षमता विकास और सेना के आधुनिकीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों में भी काम किया है। उप सेना प्रमुख बनने से पहले वह पुणे स्थित सदर्न कमांड के प्रमुख थे। उनके नेतृत्व में कमान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उच्च स्तर की अभियानगत तैयारी बनाए रखी। इससे पहले वह जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। पश्चिमी मोर्चे पर दो प्रमुख सैन्य कमानों का नेतृत्व करने वाले वह चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं।
Army Chief General Dhiraj Seth: विदेशों में भी हासिल की सैन्य विशेषज्ञता
जनरल सेठ ने पेशेवर सैन्य शिक्षा के हर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने हायर कमांड कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ फ्रांस के पेरिस स्थित प्रतिष्ठित कमांड एंड स्टाफ कोर्स को भी सफलतापूर्वक पूरा किया। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक युद्ध, नई तकनीक और भविष्य की सैन्य चुनौतियों को समझने में उनका अनुभव भारतीय सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।करीब 13 लाख सैनिकों वाली भारतीय सेना की कमान अब जनरल धीरज सेठ के हाथों में है। सीमाओं पर लगातार बदलती सुरक्षा चुनौतियों, आधुनिक तकनीक, आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था और भविष्य की युद्ध रणनीतियों के बीच उनका नेतृत्व भारतीय सेना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि कार्यभार संभालने के पहले ही दिन जिस तरह उन्होंने सैन्य अनुशासन के साथ भारतीय संस्कारों का परिचय दिया, उसने उन्हें देशभर में चर्चा का विषय बना दिया है।
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