VB-G Ramji Scheme: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी रामजी) के तहत राज्यों को 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की। उन्होंने कहा कि योजना 1 जुलाई से पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है और अब तक किसी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
एक दिन में पूरे देश में लागू हुई योजना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष लगे थे, जबकि विकसित भारत–जी रामजी योजना एक ही दिन में पूरे देश में लागू हो गई। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग और प्रशासनिक क्षमता की बड़ी उपलब्धि बताया।
VB-G Ramji Scheme: गरीबों की सेवा ही सरकार का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि गरीब मजदूरों की सेवा ही भगवान की सेवा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार, समय पर मजदूरी और ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित करना है।
कई राज्यों के काम की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले ही सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू हो चुके हैं और लाखों ग्रामीणों को रोजगार मिला है। उन्होंने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की विशेष सराहना की। वहीं ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से लंबित प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का आग्रह किया।
VB-G Ramji Scheme: मजदूरी बढ़ाकर न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन
उन्होंने बताया कि योजना के तहत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी। इसे ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
समय पर भुगतान के लिए जारी हुई पहली किस्त
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त राज्यों की मांग के आधार पर जारी की गई है, ताकि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने राज्यों से भी अपनी हिस्सेदारी समय पर जारी करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि योजना के संचालन में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
VB-G Ramji Scheme: ग्राम सभाओं को मिलेगी अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन करें, जिससे गांवों का समग्र, सहभागी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित हो सके।








