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Yogi Adityanath: योगी सरकार का बड़ा ऐलान: मिट्टी के कारोबारियों को ₹10 लाख तक का लोन और आधुनिक मशीनों की सुविधा

Yogi Adityanath: योगी सरकार का बड़ा ऐलान: मिट्टी के कारोबारियों को ₹10 लाख तक का लोन और आधुनिक मशीनों की सुविधा

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में पारंपरिक कारीगरों और कुम्हारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ सरकार मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना (MMKRY) का संचालन कर रही है। इस योजना के जरिए मिट्टी से जुड़े पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति मिट्टी के बर्तन, कुल्हड़, दीये, टेराकोटा उत्पाद या अन्य माटीकला आधारित व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो सरकार बैंक के माध्यम से ₹10 लाख तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध करा रही है।प्रदेश में ऐसे हजारों कारीगर हैं जिनके पास हुनर तो है, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पाते। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना शुरू की गई है। योजना के तहत लाभार्थियों को बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाता है ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें या पहले से चल रहे व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप दे सकें।

₹10 लाख तक का लोन, सरकार देगी सब्सिडी

योजना के अंतर्गत परियोजना की लागत के आधार पर अधिकतम ₹10 लाख तक का बैंक ऋण स्वीकृत किया जा सकता है। सरकार पूंजीगत लागत पर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी देती है, जिससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है। इसके अलावा आवेदक को कुल परियोजना लागत का केवल 5 प्रतिशत अंशदान स्वयं करना होता है, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है।

Yogi Adityanath: आधुनिक मशीनों से बढ़ेगा उत्पादन

सरकार पारंपरिक कुम्हारों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष जोर दे रही है। कई क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक चाक, आधुनिक टूल-किट और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन मशीनों के उपयोग से कम समय में अधिक उत्पादन संभव होगा और उत्पादों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जिससे कारीगरों की आय बढ़ने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत मिट्टी से बने घरेलू उपयोग के बर्तन, कुल्हड़, घड़े, पानी के डिस्पेंसर, कप-प्लेट, कटोरियां, सजावटी टेराकोटा उत्पाद, गमले, लैंप, डिजाइनर दीये, देवी-देवताओं की मूर्तियां, क्ले टाइल्स, खपरैल और पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री जैसे उत्पादों का व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। वर्तमान समय में ऑर्गेनिक और इको-फ्रेंडली उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह क्षेत्र रोजगार की बेहतर संभावनाएं प्रदान कर रहा है।

Yogi Adityanath: कौन उठा सकता है योजना का लाभ

इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी 18 से 55 वर्ष तक के पात्र आवेदक उठा सकते हैं। ₹5 लाख तक के ऋण के लिए आवेदक का साक्षर होना पर्याप्त है, जबकि ₹5 लाख से ₹10 लाख तक के प्रोजेक्ट के लिए कम से कम आठवीं पास होना आवश्यक है। साथ ही माटीकला का अनुभव या संबंधित प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी जरूरी माना गया है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से करें आवेदन

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह सरल बनाया गया है। इच्छुक आवेदक मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की आधिकारिक वेबसाइट या उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आवश्यक प्रमाणपत्र और परियोजना रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो, वे अपने जिले के विकास भवन स्थित जिला ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।आज के समय में प्लास्टिक और केमिकल से बने उत्पादों की जगह पर्यावरण अनुकूल और पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना उन लोगों के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है जो अपने हुनर को व्यवसाय में बदलना चाहते हैं। सरकार की वित्तीय सहायता, सब्सिडी और आधुनिक मशीनों की सुविधा के साथ मिट्टी का कारोबार शुरू करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और लाभकारी बन सकता है।

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