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सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले की टेढ़ी कहानी, महिला सहकर्मी को परेशान किया, नौकरी गई तो कंपनी को सबक सिखाने में जुटा

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले की टेढ़ी कहानी, महिला सहकर्मी को परेशान किया, नौकरी गई तो कंपनी को सबक सिखाने में जुटा
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को वकील के वेश में हंगामा करने वाले प्रबल प्रताप की कहानी बड़ी टेढ़ी है। वह एक ऐसा सनकी आदमी है, जो अपनी ओछी हरकत को जायज ठहराने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। प्रबल प्रताप ने न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय में अपनी सनक का प्रदर्शन किया, बल्कि व्यवहारिक जीवन में पहले भी वह इस तरह की कोशिशें कर चुका है।
 
ओछी हरकत पर कंपनी ने निकाला
उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला प्रबल प्रताप यादव लखनऊ की एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी में काम करता था। मिली जानकारी के मुताबिक वह कंपनी में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी को निरंतर तंग करता था। महिला को आपत्तिजनक व एब्यूजिव ईमेल भेजा करता था। इसके कारण कंपनी ने उसे सख्त चेतावनी दी।इसके बावजूद वह नहीं माना तो आखिरकार कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया। 

New Delhi: कंपनी को सबक सिखाने की कोशिश

प्रबल प्रताप यादव अपनी गलती सुधारने के बजाए ओछी हरकत करता रहा और नौकरी से निकाले जाने के बाद कंपनी से बदला लेने में जुट गया। अपनी सनक में  उसने कंपनी पर ‘देश विरोधी गतिविधियों’ में शामिल होने का मनगढ़ंत आरोप तक लगा डाला। उसने कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने को लेकर तमाम हथकंडे आजमाए। निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हर जगह उसे असफलता ही हाथ लगी। आखिरकार उसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई के समय उसने वो हंगामा कर दिया कि सभी सभी हैरान हैं। 

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट में किया हंगामा

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका पर पैरवी के लिए वह खुद वकील के वेश में पहुंचा। सुनवाई के दौरान उसने जजों को आदेश की भाषा में कहा, “मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट मैं आपको आदेश देता हूं कि आप ACP लखनऊ के खिलाफ FIR करने का आदेश दें।” इस पर बेंच ने पूछा, “आप हमें आदेश दे रहे हैं? बहस बढ़ने पर उसने अचानक अपने केस के कागज बेंच की ओर उछाल दिए और मुख्य न्यायाधीश के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया।सीजेआई उस समय कोर्ट रूम में मौजूद नहीं थे।कोर्ट रूम की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने तुरंत उसे पकड़कर बाहर निकाल दिया।