Lucknow: रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अगले 15 से 20 दिनों के भीतर इस यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलेगा। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा शिक्षा को भी सांप्रदायिक चश्मे से देख रही है। उन्होंने यूनिवर्सिटी के खिलाफ होने जा रही कार्रवाई को बेहद निंदनीय बताया है।
सपा का आरोप
समाजवादी पार्टी जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ होने वाली कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना और शिक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली करार रही है। पार्टी का तर्क है कि इस कार्रवाई से यूनिवर्सिटी के हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाएगा।इस बीच यूनिवर्सिटी को बनाने वाले सपा नेता आजम खान की पत्नी ने भी कार्रवाई का विरोध किया है। वे विरोध के लिए यूनिवर्सिटी पहुंच गई हैं।
Lucknow: प्रशासन की चेतावनी
यूनिवर्सिटी में कुल 40 भवन बने हैं। इनमें से सिर्फ 2 भवनों का ही नक्शा जिला पंचायत या प्रशासन से पास कराया गया था PWD विभाग ने यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर जाने वाली सड़क को आम जनता का रास्ता घोषित कर दिया है।
प्रशासन ने जौहर ट्रस्ट को 15 से 20 दिन की मोहलत दी है कि ट्रस्ट खुद अवैध इमारतों को गिरा दे। यदि इस तय समय के भीतर ट्रस्ट ने अवैध निर्माण नहीं हटाया, तो प्रशासन बुलडोजर से इन्हें तोड़ेगा और इसका खर्च भी ट्रस्ट से वसूला जाएगा।
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