Rohit Sharma Retirement: इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने अपने वनडे संन्यास को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि यह मुकाबला रोहित का आखिरी वनडे हो सकता है या फिर उन्हें टीम से बाहर किया जा सकता है। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों का खंडन किया था। अब खुद रोहित शर्मा ने इन चर्चाओं पर अपनी बात रखकर स्थिति साफ कर दी है।लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रोहित शर्मा ने शानदार 138 रनों की यादगार पारी खेली। उन्होंने 110 गेंदों में 17 चौके और 5 छक्कों की मदद से यह शतक जड़ा और लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए। शुभमन गिल के साथ 147 रनों की बेहतरीन साझेदारी और विराट कोहली के साथ शतकीय साझेदारी के बावजूद भारतीय टीम जीत हासिल नहीं कर सकी।
संन्यास की खबरों पर रोहित शर्मा का साफ जवाब
मैच के बाद जब रोहित शर्मा से उनके भविष्य और संन्यास की खबरों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद शांत और स्पष्ट अंदाज में जवाब दिया। रोहित ने कहा कि उनका काम सिर्फ अच्छी बल्लेबाजी करना और देश का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है, तब से इस तरह की चर्चाएं होती रही हैं और आगे भी होती रहेंगी।रोहित ने कहा, “जब तक मैं यहां हूं, ऐसी बातें होती रहेंगी। ये सब मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। मेरे लिए सबसे ज्यादा अहम यह है कि मैं मैदान पर कैसा प्रदर्शन करता हूं। मैं हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने और टीम की सफलता में योगदान देने की कोशिश करता हूं। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान सिर्फ इसी पर है। बाकी बाहरी बातें होती रहें, क्योंकि अगर ये नहीं होंगी तो मजा भी नहीं आएगा। मेरा काम मैदान के अंदर है और बाकी लोगों का काम मैदान के बाहर।”
उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान क्रिकेट पर है और वे संन्यास से जुड़ी अफवाहों को कोई महत्व नहीं दे रहे हैं।
Rohit Sharma Retirement:’20-25 रन कम रह गए, इसलिए मिली हार’
रोहित शर्मा ने मैच में मिली हार पर भी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत ने बल्लेबाजी में शानदार शुरुआत की थी, लेकिन टीम निर्धारित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी। उनके मुताबिक टीम करीब 20 से 25 रन कम बना पाई, जिसका असर मैच के नतीजे पर पड़ा।रोहित ने कहा कि भारत ने बर्मिंघम में जीत के साथ सीरीज की अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन कार्डिफ में हार मिली और अब लॉर्ड्स में भी अच्छी बल्लेबाजी के बावजूद जीत हाथ से निकल गई। उन्होंने माना कि टीम ने अच्छा क्रिकेट खेला, लेकिन अहम मौकों पर मैच को अपने पक्ष में नहीं कर सकी।
Rohit Sharma Retirement: युवा गेंदबाजों का किया बचाव
भारतीय कप्तान ने गेंदबाजी इकाई का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है, इसलिए उन्हें समय और अनुभव देने की जरूरत है। रोहित का मानना है कि युवा खिलाड़ी धीरे-धीरे सीखेंगे और भविष्य में भारतीय टीम के लिए मजबूत प्रदर्शन करेंगे।उन्होंने कहा कि किसी भी युवा खिलाड़ी को तुरंत आंकना सही नहीं है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित करने के लिए समय और लगातार मौके मिलना जरूरी होता है।
अपनी पारी पर क्या बोले रोहित?
रोहित शर्मा ने अपनी शानदार 138 रनों की पारी को लेकर खुशी जाहिर की, लेकिन कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा टीम की जीत उनके लिए मायने रखती है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में बल्लेबाजी करना उन्हें हमेशा पसंद रहा है और लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर शतक लगाना खास अनुभव रहा, लेकिन टीम की हार ने इस खुशी को अधूरा छोड़ दिया।उन्होंने कहा कि यह पारी उन्होंने जरूर एन्जॉय की, लेकिन मैच का परिणाम उनके लिए सबसे बड़ी निराशा रहा।रोहित शर्मा के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल उनका पूरा फोकस भारतीय टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है। उन्होंने संन्यास की खबरों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए यह संदेश दिया कि उनका जवाब मैदान पर बल्ले से मिलेगा, न कि अफवाहों से। लॉर्ड्स में खेली गई उनकी ऐतिहासिक पारी भी इस बात का प्रमाण है कि रोहित शर्मा अभी भी भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं और उनका लक्ष्य सिर्फ टीम को सफलता दिलाना है।








