Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। हादसे के बाद से लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल सुरंग में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
मीथेन गैस के धमाके से ढही सुरंग
यह हादसा सुरंग के अंदर संदिग्ध मीथेन गैस में हुए विस्फोट के कारण हुआ। धमाके के बाद सुरंग का एक हिस्सा ढह गया, जिससे कई मजदूर अंदर फंस गए। एनएचपीसी के अनुसार, चट्टानों के भीतर जमा संदिग्ध मीथेन गैस अचानक फट गई, जिसके बाद सुरंग में घना धुआं और जहरीली गैसें फैल गईं।पुलिस के मुताबिक, सुरंग के अंदर अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसी वजह से कई एजेंसियां मिलकर लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मृतक मजदूरों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं, हर घायल को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुरंग में मीथेन गैस विस्फोट की वजह की जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जो हादसे के कारणों की जांच करेगी।
पीएम मोदी ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया।इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।
20 जुलाई को हुआ था हादसा
यह हादसा 20 जुलाई 2026 (सोमवार) को हुआ था। घटना के बाद से लगातार बचाव अभियान जारी है। सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए राहत दल लगातार काम कर रहे हैं।नामची की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोनम डी भूटिया ने बताया कि सुरंग में कुल 25 लोग फंसे थे, जिनमें से 20 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बचाव अभियान के दौरान अब तक 12 शव बरामद किए गए हैं। इनमें से सात शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
विधानसभा में रखा गया मौन
इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों को श्रद्धांजलि देने के लिए सिक्किम विधानसभा में दो मिनट का मौन रखा गया।इससे पहले मार्च 2025 में तेलंगाना में भी एक सुरंग हादसा हुआ था। उस घटना में भी कई मजदूर सुरंग के अंदर दब गए थे और उन्हें निकालने के लिए कई घंटों तक खुदाई और बचाव अभियान चलाया गया।








