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PM Awaas Protest: संसद भवन से कितना दूर है प्रधानमंत्री आवास?जानिए वहां धरना-प्रदर्शन के लिए किससे लेनी पड़ती है इजाजत

PM Awaas Protest: संसद भवन से कितना दूर है प्रधानमंत्री आवास?जानिए वहां धरना-प्रदर्शन के लिए किससे लेनी पड़ती है इजाजत

PM Awaas Protest: दिल्ली की सियासत एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों को लेकर गरमा गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर विरोध दर्ज कराया। इस घटनाक्रम के बाद लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल उठने लगा कि आखिर प्रधानमंत्री आवास संसद भवन से कितनी दूर है और क्या वहां या उसके आसपास धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति ली जा सकती है?

संसद से बेहद करीब है प्रधानमंत्री आवास, लेकिन सुरक्षा सबसे कड़ी

संसद भवन और प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बीच सड़क मार्ग से दूरी करीब 2.9 किलोमीटर है। दोनों स्थान राजधानी के वीवीआईपी जोन में आते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री आवास के आसपास का इलाका देश के सबसे संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां हर समय बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैनात रहती है और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती है।

PM Awaas Protest: क्या पीएम आवास के बाहर धरना देने की मिल सकती है अनुमति?

मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री आवास या उसके आसपास किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती। यह इलाका भारतीय न्यायिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा वाले क्षेत्र में शामिल है। इसी वजह से यहां लोगों के एकत्र होने, रैली निकालने, नारेबाजी करने या धरना देने पर प्रतिबंध रहता है। सुरक्षा कारणों से इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाता है।

PM Awaas Protest: दिल्ली में प्रदर्शन करने की मंजूरी किसके पास होती है?

राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी सार्वजनिक धरने, प्रदर्शन, रैली या मार्च के आयोजन के लिए आयोजकों को पहले दिल्ली पुलिस से लिखित अनुमति लेनी होती है। कार्यक्रम जिस इलाके में प्रस्तावित होता है, उसके अनुसार संबंधित जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) या नई दिल्ली जिला पुलिस कार्यालय में आवेदन करना पड़ता है। बिना पूर्व अनुमति आयोजित किसी भी सभा या प्रदर्शन को अवैध माना जा सकता है और पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।

फिर प्रदर्शन कहां करने की इजाजत मिलती है?

चूंकि संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास और राष्ट्रपति भवन जैसे अति संवेदनशील इलाकों में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती, इसलिए दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए अलग स्थान निर्धारित किए हैं। जंतर-मंतर लंबे समय से शांतिपूर्ण धरनों और सीमित संख्या वाले प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां पुलिस की अनुमति मिलने के बाद प्रदर्शन किए जा सकते हैं। वहीं बड़ी राजनीतिक रैलियों और भारी भीड़ वाले आयोजनों के लिए रामलीला मैदान को तय स्थान माना जाता है, जहां आयोजन से पहले दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों से आवश्यक मंजूरी लेनी होती है।

PM Awaas Protest: सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में इन पर कड़े नियम लागू किए गए हैं। यही कारण है कि प्रधानमंत्री आवास जैसे वीवीआईपी क्षेत्र में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि आम नागरिकों और राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने के लिए जंतर-मंतर और रामलीला मैदान जैसे निर्धारित स्थलों का विकल्प उपलब्ध कराया जाता है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी में विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन उसकी अपनी कानूनी और सुरक्षा संबंधी सीमाएं भी हैं।

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