Bihar Student Protest: बिहार में छात्रों के राजभवन मार्च के दौरान मंगलवार को राजधानी पटना करीब छह घंटे तक हिंसा और तनाव की चपेट में रही। गांधी मैदान से शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगह झड़प, लाठीचार्ज, पथराव और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। हालात ऐसे बने कि डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, सीएम हाउस और बेली रोड अंडरपास रणक्षेत्र जैसे नजर आए।
Bihar Student Protest: बैरिकेडिंग उठाकर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी-
सुबह करीब 10:30 बजे छात्रों ने गांधी मैदान के गेट नंबर-12 को तोड़ते हुए राजभवन मार्च शुरू किया। पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग उठाकर आगे बढ़ते रहे। पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, इसके बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे और डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए।
Bihar Student Protest: सीएम हाउस और राजभवन की ओर बढ़ी भीड़-
डाकबंगला चौराहे पर हजारों छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर सीएम हाउस और राजभवन की ओर बढ़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए दोबारा लाठीचार्ज किया। कई छात्र सड़क पर लेटकर विरोध जताते दिखे, जिन्हें पुलिस ने हटाकर हिरासत में लिया।
विधायकों की गाड़ियों में तोड़फोड़, महिला पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला-
प्रदर्शन के दौरान डाकबंगला और बेली रोड इलाके में जमकर पथराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। भाजपा विधायक रोहित पांडे की गाड़ी पलटने की कोशिश की गई और उनके साथ मारपीट हुई। विधायक विनय बिहारी और भाजपा नेता अजय सिंह की गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए गए। इसी दौरान एक महिला पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
17 से अधिक पुलिसकर्मी और कई छात्र घायल-
पथराव में पटना आईजी जितेंद्र राणा, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, एसडीएम कृतिका मिश्रा, टाउन डीएसपी-2 कामाख्या नारायण प्रसाद और गांधी मैदान थानाध्यक्ष समेत 17 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। वहीं 20 से ज्यादा अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। पुलिस कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं भी घायल हुए।
37 घायल अस्पताल में भर्ती, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में-
लाठीचार्ज और पथराव में घायल 37 छात्र-छात्राओं को पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एलएनजेपी और गार्डिनर रोड अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम करीब पांच बजे पुलिस ने अंतिम बार लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। फिलहाल डाकबंगला चौराहे समेत संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यह भी पढ़े- छात्रों के मुद्दे पर राजनीति ठीक नहीं, चर्चा के लिए तैयार है सरकार- जेपी नड्डा








