Modi: अयोध्या में संत समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, मंदिर की धार्मिक व्यवस्था और हालिया राजनीतिक विवादों को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद संतों ने विपक्ष और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। डॉ. राम विलास वेदांती जी महाराज के उत्तराधिकारी राघवेश दास वेदांती ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है। वहीं, महंत सीताराम दास ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।
मोदी और योगी को हटाना संभव नहीं: राघवेश दास
राघवेश दास वेदांती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने के लिए विदेशी ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि देश में पहले भी कई आंदोलन हुए हैं, लेकिन ऐसे आंदोलनों से कुछ हासिल नहीं होगा। विपक्ष का काम आंदोलन करना है और वह करता रहेगा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाना संभव नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी को भी कथित षड्यंत्र का हिस्सा बताया और कहा कि मोदी सरकार ने देश के लिए ऐसे काम किए हैं, जो कांग्रेस दशकों में नहीं कर सकी।
Modi: चंपत राय की दोबारा नियुक्ति की मांग
संत समाज की बैठक में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के योगदान की सराहना की गई। राघवेश दास ने कहा कि संतों ने उन पर लगाए गए आरोपों की निंदा की है और उनका मानना है कि चंपत राय निर्दोष हैं। संतों ने मांग की कि एसआईटी जांच में क्लीन चिट मिलने के बाद उन्हें दोबारा ट्रस्ट के महासचिव पद पर नियुक्त किया जाए।
धार्मिक समिति के गठन का संतों ने किया स्वागत
राघवेश दास ने ट्रस्ट की ओर से पांच संतों को शामिल कर धार्मिक समिति बनाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समिति रामानंदी वैष्णव परंपरा के अनुसार रामलला की पूजा, उत्सव और अन्य धार्मिक गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संत समाज ने इसे सकारात्मक कदम बताया।
Modi: महंत सीताराम दास ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
महंत सीताराम दास ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल राम, सनातन और राष्ट्र विरोधी मानसिकता से प्रेरित हैं। उन्होंने विदेशी फंडिंग के जरिए देश में अराजकता फैलाने और समाज को बांटने की साजिश का आरोप भी लगाया। संतों ने बैठक में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और भगवान राम की भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।








