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सोने-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट, 0.6% तक टूटा भाव

सोना 0.6% टूटा, चांदी में भी कमजोरी

Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। दोनों कीमती धातुओं के भाव में करीब 0.6 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1,42,821 रुपये प्रति 10 ग्राम के पिछले स्तर के मुकाबले गिरावट के साथ 1,42,392 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला।सुबह करीब 11 बजे सोना 870 रुपये यानी 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,41,951 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।दिन के कारोबार में अब तक सोने ने 1,41,742 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,42,393 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर दर्ज किया।

चांदी में भी दिखी कमजोरी

सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा।MCX पर चांदी का 4 सितंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछले बंद भाव 2,19,375 रुपये प्रति किलो की तुलना में 2,18,280 रुपये प्रति किलो पर खुला।इसके बाद चांदी 884 रुपये यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,18,491 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।कारोबार के दौरान चांदी ने अब तक 2,17,325 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,18,884 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतों पर दबाव

वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कॉमैक्स पर सोने का भाव 0.48 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,030 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।वहीं, चांदी की कीमतों में 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 57.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

डॉलर मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव

विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमती धातुओं में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद डॉलर इंडेक्स दोबारा 101 के स्तर को पार कर गया है।डॉलर इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है। इनमें यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक शामिल हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव का बाजारों पर असर

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि अमेरिका भी ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है।इस तनाव के बीच अमेरिका की कोशिश ईरान की सैन्य क्षमता और हॉर्मुज क्षेत्र पर नियंत्रण करने की ताकत को कमजोर करना है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक बाजारों और कीमती धातुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।