Erbil Explosions: इराक के उत्तरी शहर इरबिल से बड़ी खबर सामने आई है। यहां अमेरिकी सेना के सैन्य अड्डे के पास एक के बाद एक कई विस्फोट हुए। ये धमाके उस घोषणा के कुछ घंटों बाद हुए, जिसमें अमेरिका ने कहा था कि उसने ईरान के खिलाफ लगातार 13 रातों तक चले हमलों को खत्म कर दिया है।एसोसिएटेड प्रेस (AP) के एक पत्रकार के अनुसार, स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 9:30 बजे इरबिल में कम से कम 7 धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद सैन्य अड्डे के आसपास और अंदर के इलाकों से आसमान में काले धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठते दिखाई दिए।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा संघर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर जारी संघर्ष है। इसी विवाद के चलते दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है।ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी बमबारी में 4 लोगों की मौत हुई है, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं।वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि हालिया हमला ईरान की उस क्षमता को कमजोर करने के लिए किया गया, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और व्यावसायिक पोतों को धमका सके।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। दुनिया के करीब एक-पांचवें हिस्से का तेल और गैस इसी रास्ते से दूसरे देशों तक पहुंचता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है।
खाड़ी देशों में भी बढ़ी सतर्कता
बहरीन में संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए दो बार सायरन बजाए गए। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने की अपील की गई।पिछले एक सप्ताह के दौरान खाड़ी देशों में भी लगातार हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इसी बीच, एक दिन पहले यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इससे आशंका बढ़ गई है कि ईरान से जुड़ा यह संघर्ष और ज्यादा फैल सकता है।इन घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
इराक ने शांति की अपील की
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी, जिनके अमेरिका और ईरान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं, गुरुवार को तेहरान पहुंचे। वहां उन्होंने शांति और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने भरोसा दिलाया कि इराक की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने दिया जाएगा।गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में अली अल-जैदी ने वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की थी।








