NEET Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सरकार की ओर से NEET समेत कई मुद्दों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।वहीं, शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के साथ बैठक हो रही है। यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई है।
सरकार और CJP के बीच बातचीत जारी
सरकार प्रदर्शन खत्म कराने के लिए एक बार फिर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंहCJP के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे हैं। पार्टी की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका बैठक में शामिल हुए हैं।मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार और CJP के बीच यह बैठक वीपी हाउस के कमरा नंबर 504 में चल रही है। माना जा रहा है कि इस बातचीत से प्रदर्शन को लेकर कोई ठोस फैसला सामने आ सकता है।
न्यूट्रल जगह पर बैठक की मांग मानी गई
इससे पहले सरकार ने CJP को जेपी नड्डा के घर या कार्यालय में बातचीत करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, CJP ने इसे स्वीकार नहीं किया। पार्टी का कहना था कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है, तो वह जंतर-मंतर आए या फिर किसी तटस्थ (न्यूट्रल) जगह पर बैठक करे।सरकार ने इस मांग को मान लिया। इसके बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों की बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हो रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बातचीत से प्रदर्शन का कोई समाधान निकल सकता है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP
एक तरफ जहां सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, वहीं दूसरी ओर CJP अपने रुख पर कायम है। पार्टी का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।CJP का साफ कहना है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा। हाल ही में अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी ऐलान किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन नहीं रुकेगा।
पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारी
उधर, सरकार देश में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की तैयारी कर रही है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस कानून के मसौदे पर चर्चा की जा रही है।माना जा रहा है कि जल्द ही कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद सोमवार को यह विधेयक संसद में पेश किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, नए कानून में पेपर लीक के मामलों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होगा। ऐसे मामलों का फैसला तीन महीने के भीतर किया जाएगा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होगी। इसके अलावा दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी रखा जाएगा।








